सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा, धर्मांतरण करने पर व्यक्ति का अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा तुरंत समाप्त हो जाता है। जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि धर्मांतरण के बाद कोई भी व्यक्ति आरक्षण या अन्य सुविधाओं का पात्र नहीं रहता, भले ही उसका जन्म दलित परिवार में हुआ हो।
धर्मांतरण पर ख़त्म होगा अनुसूचित जाति का दर्जा, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
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