भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को एक अहम सुझाव दिया है। गावस्कर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए सिर्फ मौजूदा सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय देश के महान पूर्व क्रिकेटरों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) का दायरा और अधिकार बढ़ाने की बात कही है।
CAC की भूमिका बढ़ाने की सलाह
गावस्कर ने अपने हालिया कॉलम में कहा कि CAC को केवल कोच और चयनकर्ताओं की नियुक्ति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक समिति को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम, क्रिकेट से जुड़े दूसरे अहम फैसलों और व्यवस्था में सुधार जैसे मामलों पर भी भूमिका दी जा सकती है। गावस्कर ने सवाल उठाया कि अगर BCCI के पास इतने अनुभवी पूर्व खिलाड़ी मौजूद हैं, तो उनकी विशेषज्ञता का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों को फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल करने से भारतीय क्रिकेट को दीर्घकालिक फायदा मिल सकता है।
सचिन, द्रविड़ समेत इन नामों का सुझाव
गावस्कर ने CAC के लिए कई बड़े नाम भी सुझाए हैं। इनमें Sachin Tendulkar, Rahul Dravid, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, Anil Kumble, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग शामिल हैं। उनका कहना है कि इन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और उनके अनुभव का इस्तेमाल प्रशासनिक और क्रिकेट संबंधी फैसलों में किया जा सकता है।
गावस्कर के मुताबिक जब ऐसी समिति कोच, कप्तान और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख के साथ मिलकर काम करेगी, तो उसके फैसलों का प्रभाव काफी व्यापक हो सकता है।
महिला क्रिकेट के लिए भी ऐसी समिति
पूर्व कप्तान ने सिर्फ पुरुष क्रिकेट तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने महिला क्रिकेट के लिए भी इसी तरह की विशेषज्ञ समिति बनाने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि महिला क्रिकेट को भी पूर्व खिलाड़ियों और अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से फायदा मिल सकता है।
गावस्कर का यह सुझाव ऐसे समय आया है जब घरेलू क्रिकेट के ढांचे, कार्यक्रम और खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। हाल में उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय क्रिकेट का मतलब सिर्फ राष्ट्रीय टीम नहीं है, बल्कि घरेलू क्रिकेट उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
घरेलू क्रिकेट पर भी जोर
गावस्कर ने घरेलू क्रिकेट के कार्यक्रम और नियमों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट और घरेलू प्रतियोगिताओं को नजरअंदाज करने से भविष्य में भारतीय क्रिकेट की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सचिन, द्रविड़, कुंबले और शास्त्री जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को व्यवस्था से जोड़ना BCCI के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
फिलहाल यह गावस्कर का सुझाव है और BCCI की ओर से इस प्रस्ताव पर किसी फैसले की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन अगर बोर्ड इस विचार पर आगे बढ़ता है, तो CAC भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में पहले की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभावशाली भूमिका निभा सकती है।


