फरवरी 2026 में भारत के मौसम ने एक चिंताजनक मोड़ ले लिया है। आमतौर पर वसंत की मंद हवाओं वाला यह महीना इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का गवाह बन रहा है। देश के 27 प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है, जिसने रबी की फसलों (जैसे गेहूं और सरसों) के लिए ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
प्रमुख शहरों में गर्मी का तांडव
मौसम विभाग (IMD) और हालिया आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के पहले 15 दिनों में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं:
- दिल्ली-NCR: 16 फरवरी 2026 को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.6°C पहुंच गया, जो सामान्य से 7.2°C अधिक है। यह पिछले 5 वर्षों में फरवरी का सबसे गर्म दिन रहा।
- लगातार गर्मी वाले शहर: अहमदाबाद, देहरादून, गुवाहाटी, इंफाल और रायपुर जैसे शहरों में फरवरी के सभी 15 दिन तापमान सामान्य से ऊपर रहा।
- उत्तर भारत का हाल: 27 में से 15 शहरों में न केवल दिन, बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से 1°C से 4°C तक अधिक दर्ज किया गया है।
रबी की फसलों पर बढ़ता संकट
तापमान में यह अचानक वृद्धि कृषि क्षेत्र, विशेषकर उत्तर और मध्य भारत के किसानों के लिए मुसीबत बन गई है।
| फसल | प्रभाव |
| गेहूं | वर्तमान में गेहूं ‘ग्रेन फिलिंग’ (दाना बनने) की अवस्था में है। गर्मी के कारण फसल समय से पहले पक (Premature Maturity) सकती है, जिससे दाने छोटे और सिकुड़े हुए रह जाएंगे। |
| सरसों/तिलहन | अधिक गर्मी से फलियां समय से पहले सूख सकती हैं, जिससे तेल की मात्रा और पैदावार में 10-15% की कमी आने की आशंका है। |
| कीटों का हमला | गर्म और शुष्क मौसम माहू (Aphids) जैसे चूसक कीटों के पनपने के लिए अनुकूल होता है, जो खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। |
कृषि वैज्ञानिकों की सलाह: विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई (Light Irrigation) करें ताकि ‘हीट स्ट्रेस’ के प्रभाव को कम किया जा सके।
क्यों गायब हो रही है ‘वसंत’ ऋतु?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत में ऋतुओं का चक्र बदल रहा है। उत्तर भारत से ठंडी हवाओं की कमी और आसमान साफ होने की वजह से सूरज की तपिश सीधे जमीन तक पहुंच रही है। ऐसा लग रहा है मानो सर्दी के तुरंत बाद बिना किसी अंतराल के गर्मी ने दस्तक दे दी है।


