मूवी रिव्यू: सूबेदार, कलाकार: अनिल कपूर, राधिका मदान, आदित्य रावल, मोना सिंह, फैसल मलिक, निर्देशक: सुरेश त्रिवेणी, प्लेटफॉर्म: अमेजन प्राइम वीडियो, रेटिंग: 4/5
‘सूबेदार’ एक ऐसी फिल्म है जो न केवल आपको अपनी सीट से बांधे रखती है, बल्कि एक पूर्व सैनिक के संघर्ष, पिता-पुत्री के जटिल रिश्तों और समाज की विसंगतियों पर गहरा प्रहार करती है। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे साधारण कहानी को असाधारण तरीके से पेश करने में माहिर हैं।
कहानी का सार
फिल्म की कहानी रिटायर सूबेदार अर्जुन सिंह (अनिल कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी जिया (राधिका मदान) के साथ एक शांत जीवन जीने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उनका अतीत और उनके सिद्धांत उन्हें बार-बार समाज में फैल रही बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए उकसाते हैं। कहानी तब दिलचस्प हो जाती है जब अर्जुन का सामना एक ऐसे भ्रष्टाचार से होता है जो उनकी बेटी के भविष्य को सीधे प्रभावित कर रहा है। यहाँ से एक पूर्व फौजी का ‘रिवेंज’ (बदला) और व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष शुरू होता है।
अभिनय का जलवा
- अनिल कपूर: इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अनिल कपूर का अभिनय है। 69 साल की उम्र में भी उनका जोश और स्क्रीन प्रेजेंस देखते ही बनती है। उन्होंने एक अनुशासित फौजी की सख्ती और एक पिता की कोमलता के बीच के बारीक अंतर को बहुत खूबसूरती से निभाया है।
- राधिका मदान: जिया के किरदार में राधिका ने बेहतरीन काम किया है। उनकी मासूमियत और पिता के साथ उनका केमिस्ट्री फिल्म को इमोशनल गहराई देती है।
- अंकित-फैसल-सौरभ: सहायक भूमिकाओं में फैसल मलिक और सौरभ शुक्ला ने अपने-अपने किरदारों में जान डाल दी है। उनका काम फिल्म को यथार्थवादी बनाता है।
निर्देशन और तकनीक
सुरेश त्रिवेणी का निर्देशन कसा हुआ है। फिल्म की पेस (गति) कहीं भी आपको बोर नहीं होने देती। फिल्म का सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर तनावपूर्ण दृश्यों के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है। एक्शन सीक्वेंस बिना किसी बनावटीपन के बहुत प्रभावशाली लगते हैं।
कमियां
फिल्म का अंत थोड़ा प्रेडिक्टेबल (अनुमानित) लगता है, लेकिन कहानी की भावुकता उसे ढक लेती है। कुछ जगह पर पटकथा को थोड़ा और कसा जा सकता था।
‘सूबेदार’ केवल एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह सिद्धांतों और परिवार के लिए लड़ने की कहानी है। अगर आप एक बेहतरीन अभिनय, शानदार निर्देशन और एक दमदार कहानी वाली फिल्म की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। अनिल कपूर का यह अब तक के सबसे सशक्त किरदारों में से एक है। यह फिल्म देखने लायक है और आपको अंत तक जोड़े रखेगी।


