एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के स्मार्टफोन को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब खुद मस्क ने विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया और टेक जगत में चर्चा थी कि मस्क एप्पल और सैमसंग जैसे दिग्गजों को टक्कर देने के लिए अपना ‘सैटेलाइट फोन’ ला सकते हैं, लेकिन हालिया बयान ने स्थिति साफ कर दी है।
एलन मस्क का स्पष्ट इनकार
फरवरी 2026 में मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर के जवाब में स्पष्ट रूप से कहा— “हम कोई फोन विकसित नहीं कर रहे हैं।” इससे पहले रॉयटर्स (Reuters) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि स्पेसएक्स (SpaceX) अपने IPO से पहले राजस्व बढ़ाने के लिए एक स्टारलिंक-ब्रांडेड स्मार्टफोन पर काम कर रही है। मस्क ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे “झूठ” करार दिया।
अटकलें क्यों शुरू हुई थीं?
- मस्क का पुराना बयान: कुछ समय पहले एक यूजर के सुझाव पर मस्क ने कहा था कि स्टारलिंक फोन का विचार “नाममुकिन नहीं है” और अगर ऐसा फोन आता है, तो वह आम स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग होगा और AI (न्यूरल नेट्स) के लिए ऑप्टिमाइज्ड होगा।
- Direct-to-Device सेवा: स्टारलिंक पहले से ही अमेरिका में टी-मोबाइल (T-Mobile) के साथ मिलकर ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिससे सामान्य स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से जुड़ सकें। इससे लोगों को लगा कि कंपनी अपना खुद का हार्डवेयर भी लाएगी।
भारत के लिए स्टारलिंक की तैयारी
भले ही स्मार्टफोन न आ रहा हो, लेकिन स्टारलिंक की इंटरनेट सेवाएं भारत में दस्तक देने के लिए तैयार हैं।
- लाइसेंस की प्रक्रिया: कंपनी को भारत में काम करने के लिए जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करने और डेटा डिक्रिप्शन की शर्तों पर सहमति जतानी पड़ी है।
- लक्ष्य: मस्क का मुख्य फोकस फिलहाल सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार करना है, ताकि दूरदराज के इलाकों (जैसे ग्रामीण भारत) में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सके।
- फिलहाल मस्क का पूरा ध्यान हार्डवेयर (फोन) बनाने के बजाय इन्फ्रास्ट्रक्चर (सैटेलाइट इंटरनेट) को मजबूत करने पर है।


