बॉलीवुड अभिनेता और परोपकारी व्यक्तित्व सोनू सूद अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने सामाजिक संदेशों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे पर ऐसी गहरी बात कही है जिसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।
“किताबें नहीं, इंसान लड़ते हैं”
सोनू सूद ने समाज में बढ़ती दूरियों और धार्मिक कट्टरता पर चोट करते हुए एक बहुत ही सरल लेकिन प्रभावशाली उदाहरण दिया। उन्होंने कहा “मेरे घर पर कुरान और गीता दोनों साथ-साथ रखी हैं, वे आपस में कभी नहीं लड़तीं। लड़ते वे लोग हैं जिन्होंने इन्हें कभी पढ़ा ही नहीं है।”
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इंस्टाग्राम पर एक प्रेरणादायक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने समाज के विरोधाभासों और मानवीय सोच पर तीखा प्रहार किया है। उनके ये जीवन दर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दूध और शराब का सटीक उदाहरण
सोनू सूद ने समाज की विडंबना को उजागर करते हुए कहा कि बुराई को ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती, जबकि अच्छाई को खुद चलकर लोगों तक पहुंचना पड़ता है। उन्होंने कहा, “शराब बेचने वाले को कहीं जाना नहीं पड़ता, लेकिन दूध बेचने वाले को घर-घर जाना पड़ता है। विडंबना देखिए कि लोग दूध वाले पर शक करते हैं कि कहीं पानी तो नहीं मिलाया, लेकिन शराब में खुद पानी मिलाकर पीते हैं।”
कीमत बनाम कद्र
एक्टर ने छोटे-छोटे उदाहरणों से बड़े सबक दिए:
- दिखावा और हकीकत: हम तस्वीर की तारीफ करते हैं पर उसे थामने वाली कील को भूल जाते हैं। वैसे ही मोमबत्ती को जलाकर किसी की याद मनाई जाती है और बुझाकर जन्मदिन की खुशी।
- स्थान और मूल्य: उन्होंने कहा कि पायल महंगी होकर भी पैरों में रहती है, जबकि सस्ती बिंदी माथे पर सजती है। स्थान कीमत से नहीं, गरिमा से मिलता है।
वीडियो संदेश की मुख्य बातें:
- शांति और भाईचारा: सोनू सूद ने जोर देकर कहा कि सभी धर्म प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। समस्या धर्मग्रंथों में नहीं, बल्कि उन लोगों की सोच में है जो धर्म का उपयोग नफरत फैलाने के लिए करते हैं।
- आंखें खोलने वाली बात: उन्होंने युवाओं और प्रशंसकों से अपील की कि वे धर्म के नाम पर किसी के बहकावे में न आएं। असल मानवता एक-दूसरे की मदद करने में है, न कि दीवारें खड़ी करने में।
- अनेकता में एकता: सोनू ने कहा कि भारत की असली खूबसूरती इसकी विविधता में है, जहाँ हर धर्म का सम्मान होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया:
सोनू सूद के इस बयान की नेटिज़न्स जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे “सच्ची भारतीयता” की परिभाषा बताया है। कोविड काल में लाखों लोगों की निस्वार्थ मदद करने के बाद सोनू सूद की बातों का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, यही वजह है कि उनके इस वीडियो को शांति और भाईचारे के एक बड़े ‘लेक्चर’ के रूप में देखा जा रहा है।
सोनू सूद का यह संदेश उन लोगों के लिए एक आईना है जो धर्म की आड़ में समाज को बांटने की कोशिश करते हैं। उनकी यह बात याद दिलाती है कि घर की अलमारी में शांति से रखी किताबें हमें साथ रहना सिखाती हैं।


