टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और मौजूदा ऑलराउंडर शादाब खान के बीच छिड़ी इस बहस ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। अफरीदी ने शादाब खान के एक हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “जमीन पर रहने” की सलाह दी है।
विवाद की शुरुआत: शादाब खान का बयान
पाकिस्तान ने अपने अंतिम ग्रुप मैच में नामीबिया को हराकर सुपर-8 में जगह पक्की की। इस जीत के बाद शादाब खान ने एक इंटरव्यू में आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा था कि टीम ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है और वे किसी के अहसानमंद नहीं हैं। उन्होंने टीम के पुराने दिग्गजों (Legends) के बयानों की ओर इशारा करते हुए कुछ तल्ख टिप्पणियां की थीं।
शादाब ने बहुत ही सीधा और कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आलोचना करने वाले पूर्व खिलाड़ी (दिग्गज) भी अपने समय में भारत को विश्व कप (वनडे या टी20) में हराने में नाकाम रहे थे। उनका इशारा उस दौर की तरफ था जब भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप मुकाबलों का स्कोर 12-0 (वनडे और टी20 मिलाकर) हुआ करता था। शादाब ने याद दिलाया कि 2021 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था, और वह जीत इन्हीं “वर्तमान खिलाड़ियों” के दौर में आई थी। शादाब का तर्क है कि जिस काम को बड़े-बड़े ‘लीजेंड्स’ दशकों तक नहीं कर पाए, वह उनकी पीढ़ी ने कर दिखाया। “हां, वे लीजेंड्स हैं, लेकिन उन्होंने कभी भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप में अच्छा नहीं किया।”
शाहिद अफरीदी का पलटवार: “बेटा, उछलो मत”
अफरीदी, जो अक्सर बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं, को शादाब का यह अंदाज रास नहीं आया। उन्होंने एक निजी समाचार चैनल पर बातचीत के दौरान शादाब को खरी-खरी सुनाई:
- नामीबिया वाली जीत पर कटाक्ष: अफरीदी ने कहा, “बेटा, नामीबिया जैसी टीम को हराकर इतना उछलने की जरूरत नहीं है। असली इम्तिहान भारत और बड़ी टीमों के खिलाफ होता है, जहाँ आप (शादाब) और पूरी टीम फेल रही।”
- दिग्गजों का योगदान: उन्होंने याद दिलाया कि आज टीम जिस मुकाम पर है, वह उन दिग्गजों की मेहनत का नतीजा है जिन्होंने खून-पसीना बहाकर पाकिस्तान क्रिकेट को खड़ा किया। अफरीदी ने कहा, “यह टीम हमारी बदौलत है, हमने इसे सींचा है।”
- परफॉर्मेंस पर सवाल: अफरीदी ने शादाब की अपनी फॉर्म पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें जवाब जुबान से नहीं, बल्कि मैदान पर गेंद और बल्ले से देना चाहिए।
पाकिस्तान क्रिकेट में अंदरूनी कलह?
सुपर-8 से ठीक पहले सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच यह टकराव टीम के माहौल के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत से हारने के बाद टीम भारी दबाव में है।
- सुपर-8 की चुनौती: पाकिस्तान का मुकाबला अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों से होना है।
- बयानबाजी का असर: ऐसी टिप्पणियां ड्रेसिंग रूम के अनुशासन को प्रभावित कर सकती हैं। इस बहस के बीच, पाकिस्तान को अपना अगला मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है।
“जब तक आप बड़े टूर्नामेंट नहीं जीतते, तब तक आपको आलोचना सहने का हौसला रखना चाहिए।” — शाहिद अफरीदी


