उत्तर भारत में साल 2026 की शुरुआत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ हुई है। आज, 2 जनवरी 2026 को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी ठंड और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
- हिमाचल प्रदेश: मनाली, डलहौजी और लाहौल घाटी जैसे क्षेत्रों में हिमपात का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
- उत्तराखंड: केदारनाथ, बद्रीनाथ और हर्षिल जैसे ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी, जबकि निचले इलाकों जैसे देहरादून और नैनीताल में हल्की बारिश हो सकती है। चंपावत और अल्मोड़ा में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है।
यूपी-बिहार के कुछ हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति
मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आज की सुबह काफी चुनौतीपूर्ण रही। घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम रह गई है।
- पंजाब और हरियाणा: अमृतसर, लुधियाना, सोनीपत और गुरुग्राम में ‘घने से बहुत घना’ कोहरा छाया हुआ है।
- दिल्ली-NCR: राजधानी में न्यूनतम तापमान 8°C से 10°C के बीच रहने का अनुमान है। कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा है।
- उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी यूपी के 12 से अधिक जिलों (लखनऊ, आगरा, कानपुर) और बिहार के कुछ हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक राहत की उम्मीद कम है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन और बढ़ाएंगी। राजस्थान के चूरू और सीकर जैसे इलाकों में पारा शून्य के करीब पहुंच सकता है, जिससे पाला (Frost) गिरने की आशंका है। खराब दृश्यता के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही हैं और वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है।


