सर्राफा बाजार में भी जबरदस्त गर्माहट देखी जा रही है। वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में एक ही दिन में 15,000 रुपये की विशाल बढ़त देखी गई, जबकि सोना भी अपने उच्चतम शिखर पर पहुंच गया है।
सोमवार को बाजार बंद होने तक कीमतें इस प्रकार रहीं:
| धातु (Metal) | नई कीमत (Record Price) | उछाल (Jump) |
| चांदी (Silver) | ₹2,65,000 प्रति किलो | ₹15,000 प्रति किलो |
| सोना (Gold – 99.9%) | ₹1,44,600 प्रति 10 ग्राम | ₹2,900 प्रति 10 ग्राम |
दामों में आग लगने की मुख्य वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस ‘सुनामी’ के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:
- ईरान में गृहयुद्ध के हालात: ईरान में जारी भीषण विरोध-प्रदर्शनों और वहां की राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे वे अपनी पूंजी सुरक्षित करने के लिए सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
- अमेरिका में संवैधानिक संकट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच बढ़ता टकराव चर्चा में है। जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा फेड को जारी किए गए समन ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
- औद्योगिक मांग और सप्लाई चेन: चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाने और सौर ऊर्जा (Solar Panels) व इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में चांदी की बढ़ती खपत ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाई दी है।
- रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट के कारण आयातित सोना और चांदी घरेलू बाजार में काफी महंगे हो गए हैं।
भविष्य का अनुमान
केडिया एडवाइजरी और कई अन्य बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो चांदी जल्द ही ₹3 लाख और सोना ₹1.50 लाख के स्तर को पार कर सकता है। निवेशकों के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ (कीमत गिरने पर खरीदारी) की रणनीति वर्तमान में सबसे प्रभावी मानी जा रही है।


