भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते तकनीकी और रणनीतिक रिश्तों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान भारत ने आधिकारिक तौर पर ‘पैक्स सिलिका’ (Pax-Silica) घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
क्या है पैक्स सिलिका (Pax-Silica)?
यह अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) के नेतृत्व वाली एक वैश्विक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। ‘पैक्स’ का अर्थ है शांति और ‘सिलिका’ चिप निर्माण से जुड़ा है। सरल शब्दों में, यह तकनीकी दुनिया में चीन पर निर्भरता कम करने और लोकतांत्रिक देशों के बीच एक सुरक्षित इकोसिस्टम बनाने का प्रयास है।
समझौते के मुख्य बिंदु:
- सप्लाई चेन सुरक्षा: चिप निर्माण के लिए जरूरी कच्चे माल (क्रिटिकल मिनरल्स) से लेकर एडवांस AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- चीन को चुनौती: यह गठबंधन तकनीक के क्षेत्र में चीन के एकाधिकार को कम करने और भरोसेमंद पार्टनर्स (जैसे जापान, दक्षिण कोरिया, यूके) के साथ मिलकर काम करने पर केंद्रित है।
- भारत का फायदा: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस समझौते से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बड़ी गति मिलेगी। भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो भविष्य की ग्लोबल टेक पॉलिसी तय करेंगे।
- ट्रंप प्रशासन का विजन: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसे “क्षमताओं का गठबंधन” बताया है, जो आर्थिक सुरक्षा को नई दिशा देगा।
निष्कर्ष
यह समझौता केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक सुरक्षा घेरा है। भारत के लिए यह अपनी चिप-डिजाइन क्षमताओं (जैसे 2-नैनोमीटर चिप्स) को वैश्विक बाजार तक ले जाने का सुनहरा मौका है।


