भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व घरेलू क्रिकेटर शुभदीप घोष (Subhadeep Ghosh) को भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। वे टी. दिलीप की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल पूरा होने के बाद अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया था। शुभदीप घोष का पहला असाइनमेंट अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज होगी।
करियर में सिर्फ 16 कैच, फिर भी बने कोच
असम के डिगबोई में जन्मे 57 वर्षीय शुभदीप घोष कभी भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सके।
- घरेलू रिकॉर्ड: उन्होंने असम और रेलवे की तरफ से 17 फर्स्ट-क्लास और 17 लिस्ट-ए मैच खेले हैं। फर्स्ट-क्लास में उन्होंने 316 रन और लिस्ट-ए में 307 रन बनाए।
- कैच का आंकड़ा: अपने पूरे पेशेवर करियर (फर्स्ट-क्लास और लिस्ट-ए मिलाकर) में उन्होंने कुल 16 कैच लपके हैं।
हालांकि, अपने सीमित खेल करियर के बावजूद, उन्होंने अपने बेहतरीन फील्डिंग विजन, कोचिंग स्किल्स और अनुभव के दम पर भारतीय क्रिकेट के कोचिंग सेटअप में शीर्ष तक का सफर तय किया है।
कोचिंग का विशाल अनुभव
शुभदीप घोष (जिन्हें ‘जॉय’ के नाम से भी जाना जाता है) के पास पिछले 15 वर्षों से अधिक का विस्तृत कोचिंग अनुभव है:
- NCA/CoE में कार्य: वे लगभग 6-7 सालों तक बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) से जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में कई युवा प्रतिभाओं को तराशा।
- राष्ट्रीय व आयु-वर्ग टीमें: वे भारत की अंडर-19 टीम (2024 अंडर-19 विश्व कप सहित), इंडिया ‘ए’ और भारतीय महिला क्रिकेट टीम (2022 वनडे विश्व कप व 2023 टी20 विश्व कप) के साथ बतौर फील्डिंग कोच काम कर चुके हैं।
- IPL में उपस्थिति: आईपीएल में वे 2014 की चैंपियन टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे हैं और बाद में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के फील्डिंग कोच के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
गंभीर के सेटअप में नई जिम्मेदारी
शुभदीप घोष अब मुख्य कोच गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा होंगे, जिसमें सितांशु कोटक (बैटिंग कोच) और मोर्ने मोर्कल (बॉलिंग कोच) पहले से शामिल हैं। असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) ने उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़े गर्व का विषय बताया है।
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों की कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण चुनौती होगी।


