उत्तर भारत में सर्दी का सितम अपने चरम पर पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में चलने वाली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे उत्तर भारत को ‘कोल्ड डे’ की स्थिति में डाल दिया है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठिठुरन
हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग और हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, रोहतांग व नारकंडा में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढंक दिया है। गुलमर्ग में तापमान -6.5°C तक गिर गया है। इन बर्फीली वादियों से टकराकर आने वाली हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा दी है।
घना कोहरा और यातायात पर ब्रेक
8 जनवरी 2026 की सुबह दिल्ली सहित कई राज्यों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
- हवाई सेवाएं: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होने के कारण करीब 7 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 100 से अधिक विमानों के संचालन में देरी हुई।
- रेलवे: कोहरे की घनी चादर के कारण लंबी दूरी की दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं।
- सड़क यातायात: नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी रही और कई स्थानों पर दुर्घटनाओं की भी खबरें आईं।
जनजीवन बेहाल और प्रशासन की तैयारी
कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे कानपुर और नोएडा में स्कूलों को 12-14 जनवरी तक बंद करने के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5°C से 6°C के बीच बना हुआ है। लोग ठिठुरन से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 से 72 घंटों तक राहत के आसार नहीं हैं। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में ‘भीषण शीतलहर’ का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुछ इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है, जिससे गलन और बढ़ सकती है।


