दिल्ली में संस्कृत भारती के केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत का प्राण है। उन्होंने जोर दिया कि भारत केवल भूगोल या राजनीतिक इकाई नहीं, बल्कि एक प्राचीन परंपरा है। भागवत के अनुसार, देश के विचार और संस्कृति का आधार आज भी संस्कृत में ही निहित है।
संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारत का प्राण है, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा
RELATED ARTICLES


