More
    HomeHindi NewsDelhi Newsसंघ बदल नहीं रहा, विकसित हो रहा है, मोहन भागवत ने दिल्ली...

    संघ बदल नहीं रहा, विकसित हो रहा है, मोहन भागवत ने दिल्ली में कहा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को दिल्ली में संगठन के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने संघ के 100 वर्षों के सफर पर आधारित फिल्म ‘शतक’ के म्यूजिक एल्बम को लॉन्च किया। भागवत ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि संघ बदल नहीं रहा है, बल्कि समय की आवश्यकताओं के अनुसार ‘विकसित’ हो रहा है।

    मोहन भागवत के संबोधन की मुख्य बातें

    मोहन भागवत ने संघ की तुलना एक बीज से की। उन्होंने कहा, जिस प्रकार एक बीज से अंकुर निकलता है और बाद में वह फलों-फूलों से लदे विशाल वृक्ष का रूप ले लेता है, संघ भी उसी प्रक्रिया से गुजर रहा है। वृक्ष का रूप बीज से अलग दिख सकता है, लेकिन उसका मूल तत्व वही रहता है। संघ अपनी शताब्दी मना रहा है और जैसे-जैसे यह नए रूप ले रहा है, लोगों को यह बदलता हुआ लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह केवल ‘प्रकट’ (unfolding) हो रहा है।

    डॉ. हेडगेवार: जन्मजात देशभक्त

    संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को याद करते हुए भागवत ने कहा कि वे बचपन से ही देशभक्त थे। उन्होंने बताया कि मात्र 11 वर्ष की आयु में अपने माता-पिता को खोने के बाद भी हेडगेवार का मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास कभी विचलित नहीं हुआ। भागवत ने सुझाव दिया कि डॉ. साहब की मनोविज्ञान (Psychology) पर शोध और अध्ययन किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने बड़े से बड़े व्यक्तिगत और सामाजिक झटकों को सहते हुए संगठन की नींव रखी।

    फिल्म ‘शतक’ का लॉन्च

    यह कार्यक्रम संघ के 100 साल के इतिहास को पर्दे पर उतारने वाली फिल्म ‘शतक’ के प्रचार के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मौके पर गायक सुखविंदर सिंह, निर्देशक आशीष मल्ल और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी भी उपस्थित रहे। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटे से विचार ने आज दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन का रूप ले लिया है।


    प्रमुख उपस्थिति और संदेश

    नामभूमिका
    मोहन भागवतसंघ प्रमुख (मुख्य वक्ता)
    सुखविंदर सिंहगायक (एल्बम लॉन्च)
    भैयाजी जोशीवरिष्ठ संघ पदाधिकारी
    फिल्म ‘शतक’संघ के 100 साल के सफर पर आधारित

    मोहन भागवत का संदेश साफ था कि संघ अपने मूल सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए आधुनिक समय के साथ सामंजस्य बिठा रहा है। उनका जोर ‘हिंदू एकता’ और ‘भेदभाव मुक्त समाज’ पर रहा, जिसकी चर्चा उन्होंने हाल ही में मथुरा प्रवास के दौरान भी की थी।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments