पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। देश में कुकिंग गैस की संभावित किल्लत को देखते हुए, पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी रिफाइनरियों को एलपीजी (LPG) उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में, बठिंडा रिफाइनरी ने अपना उत्पादन तीन गुना तक बढ़ा दिया है। इस वृद्धि का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सात प्रभावित राज्यों में घरेलू गैस की आपूर्ति बनी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता पहली प्राथमिकता है।
पंजाब के बठिंडा स्थित गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी ने अपना एलपीजी उत्पादन तीन गुना बढ़ा दिया है। इस रिफाइनरी से पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड, यूपी, जम्मू-कश्मीर और मध्यप्रदेश तक आपूर्ति की जाती है।
एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में, ईरान ने भारत के दो एलपीजी टैंकरों (जिनमें से एक ‘शिवालिक’ है) को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद लिया गया।
जहाजों की इस सुरक्षित आवाजाही से भारत में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।सरकार ने आम जनता से ‘पैनिक बुकिंग’ (घबराहट में बुकिंग) से बचने का आग्रह किया है। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। जहाजों की आवाजाही को लेकर भारत की नौसेना और संबंधित मंत्रालय लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि ऊर्जा आयात में कोई रुकावट न आए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता है। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद देश के रसोईघरों तक गैस की निरंतर आपूर्ति बनी रहे।


