कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी हालिया ‘वंदे भारत’ ट्रेन यात्रा के दौरान एक असाधारण मुलाकात का अनुभव साझा किया है। उन्होंने 16 वर्षीय टेक विशेषज्ञ राउल जॉन अजू (Raul John Ajju) की तारीफ करते हुए उन्हें भारत के तकनीकी भविष्य की एक चमकती उम्मीद बताया है। थरूर ने राउल के साथ हुई बातचीत को “रोशनी देने वाली” मुलाकात करार दिया।
तकनीक और भाषा का संगम
राउल जॉन अजू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम कर रहे हैं। थरूर और राउल के बीच हुई चर्चा मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि एआई को केवल विशिष्ट सीमाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे भारत की भाषाई विविधता के साथ जुड़ना चाहिए।
सफलता की मुख्य विशेषताएं:
- भाषाई एआई (Linguistic AI): राउल और उनके साथी ईशान एक ऐसे वॉइस प्रोसेसिंग सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय भाषाओं को समझ और बोल सके।
- बहुभाषी सपोर्ट: वर्तमान में उनकी टीम मलयालम, हिंदी और उर्दू भाषाओं में वॉयस एआई विकसित कर रही है।
- युवा नवाचार: मात्र 16 साल की उम्र में इस जटिल तकनीक पर काम करना भारत की युवा प्रतिभा की क्षमता को दर्शाता है।
शशि थरूर का व्यक्तिगत जुड़ाव
शशि थरूर ने राउल की टीम के सदस्य ईशान का जिक्र करते हुए एक भावुक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि ‘ईशान’ एक ऐसा नाम है जो उनके अपने घर में भी गूंजता है। थरूर ने इस युवा टीम के जोश और होशियारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ही प्रतिभावान युवा भारत की 21वीं सदी की विकास गाथा (Growth Story) के असली सूत्रधार हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
भारत जैसे देश में जहां सैकड़ों बोलियां बोली जाती हैं, वहां एआई का स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध होना ‘डिजिटल समावेशन’ (Digital Inclusion) के लिए अनिवार्य है। राउल का यह स्टार्टअप प्रोजेक्ट न केवल भाषाई बाधाओं को तोड़ेगा, बल्कि एआई को आम आदमी की पहुंच तक लाएगा।
थरूर ने राउल और उनकी पूरी टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे युवाओं की ऐसी प्रतिभा भारत के तकनीकी भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाती है।


