राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 की मतगणना में कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रभाव वाले जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जुड़े वार्ड में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर सियासी समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। दूसरी ओर उदयपुर में भाजपा लगातार मजबूत प्रदर्शन करते हुए बोर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
जोधपुर में बराबरी की टक्कर
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में मतगणना के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती परिणामों में दोनों दल 44-44 वार्ड जीत चुके थे, जबकि अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में भी सीटें गई हैं। ऐसे में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।
जोधपुर के नतीजों में कई व्यक्तिगत मुकाबले भी चर्चा में रहे। वार्ड 99 में भाजपा की निकिता ने पूर्व महापौर कुंती देवड़ा को 259 वोटों से हराया। वहीं वार्ड 42 में कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा को भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री मेघराज लोहिया ने 279 वोटों से शिकस्त दी। इससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर बड़े नेताओं का प्रभाव हर वार्ड में एक जैसा नहीं रहा।
गहलोत के गढ़ में BJP की सेंध
जोधपुर को लंबे समय से अशोक गहलोत की राजनीतिक कर्मभूमि और कांग्रेस के मजबूत इलाकों में गिना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा का यहां कई वार्डों में मजबूत प्रदर्शन कांग्रेस के लिए चुनौती माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस भी बराबरी की टक्कर देकर यह संकेत दे रही है कि शहर में उसका संगठन पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है।
इसी बीच वार्ड 28 का नतीजा भी खास रहा। यहां भाजपा के प्रत्याशी और राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी विकास राघवानी ने जीत दर्ज की। वहीं वार्ड 51 में कांग्रेस की 21 वर्षीय सरस्वती प्रजापत की जीत भी चर्चा में है। वह चुनाव मैदान में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी बताई जा रही हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं।
उदयपुर में BJP का दबदबा
उदयपुर नगर निगम में भी भाजपा ने शुरुआती दौर में मजबूत बढ़त बनाई। उपलब्ध परिणामों में शुरुआती 15 घोषित वार्डों में भाजपा ने 10 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। भाजपा के विजेताओं में कुलदीप मेहता, कुंदन चौहान, जतिन श्रीमाली, अलका गुर्जर और अन्य उम्मीदवार शामिल रहे। कांग्रेस के भी कई प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
उदयपुर में कुल 66 वार्डों के परिणाम घोषित किए जाने हैं और मतगणना 14 सितंबर को हो रही है। नतीजे आने के साथ ही पार्टीवार तस्वीर लगातार बदल रही है।
पूरे राजस्थान में BJP आगे
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में कुल 10,244 वार्डों के लिए मतगणना हो रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा कई शहरी निकायों में आगे दिखाई दे रही है। राज्यभर में भाजपा का संगठनात्मक प्रदर्शन कांग्रेस पर भारी पड़ता नजर आ रहा है, हालांकि जोधपुर, पाली, अजमेर और कुछ अन्य क्षेत्रों में कांग्रेस ने भी मजबूत चुनौती पेश की है।
इन चुनाव परिणामों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के कार्यकाल के बीच भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस के लिए स्थानीय संगठन और गढ़ों में अपनी पकड़ बनाए रखना बड़ी चुनौती है। 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव के ये नतीजे दोनों दलों के लिए जनता के मूड का अहम संकेत माने जा रहे हैं।


