दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में आफत बनकर बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में 20 से 25 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं (60-70 किमी/घंटे) और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
पहाड़ों पर भूस्खलन और बादल फटने का कहर
- उत्तराखंड: पिथौरागढ़ के धारचूला-तवाघाट हाईवे पर भारी बारिश से 70 मीटर का वैली ब्रिज (Baily Bridge) टूटकर गधेरे में गिर गया। इससे चीन सीमा से लगी दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों के 12 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है और मानसरोवर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बारिश का अलर्ट है।
- जम्मू-कश्मीर व हिमाचल: गांदरबल (गुंड के हकनार) में बादल फटने और पहलगाम में जलभराव से कई मार्ग बाधित हुए हैं। हिमाचल में कालका-शिमला रेलखंड पर मलबे के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित रही हैं।
मैदानी इलाकों का हाल: दिल्ली और उत्तर प्रदेश
- दिल्ली-NCR: आसमान में बादल छाए रहेंगे। राजधानी में गरज-चमक और 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार हैं।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 20 से 22 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है।
अन्य राज्यों में मौसम का मिजाज
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कोंकण-गोवा में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, नदियों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।


