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    राहुल गांधी ने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़े, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पलटवार

    भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस समझौते को ‘किसान-विरोधी’ बताने और पीएम मोदी पर तीखे हमले करने के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा संभाल लिया है। शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को ‘झूठ की मशीन’ करार देते हुए एक विस्तृत पलटवार किया है। यहाँ उनके बयान की मुख्य बातें दी गई हैं:


    कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर देश और किसानों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा:

    • भ्रम फैलाने की कोशिश: राहुल गांधी का किसानों के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। वे अक्सर राष्ट्र-विरोधी बातें करते हैं।
    • सच्चाई छिपाने का आरोप: राहुल गांधी ने अपने वीडियो में समझौते को लेकर जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे हैं।

    भारत-अमेरिका समझौते में किसान हित ‘सुरक्षित’

    शिवराज सिंह चौहान ने तकनीकी आधार पर स्पष्ट किया कि यह समझौता भारतीय किसानों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह है:

    1. प्रमुख फसलें सुरक्षित: गेहूं, चावल, मक्का, सोया और मोटे अनाज (Millets) पैदा करने वाले किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इन क्षेत्रों में विदेशी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी गई है।
    2. डेयरी और पोल्ट्री पर ‘नो एंट्री’: उन्होंने साफ किया कि भारत ने डेयरी, डेयरी उत्पादों और पोल्ट्री के लिए अपने दरवाजे नहीं खोले हैं। भारत के छोटे दूध उत्पादकों के हितों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है।
    3. निर्यात को मिलेगा बढ़ावा: इस समझौते से भारतीय मसाला, कॉफी, चाय, शहद, मरीन उत्पाद और अखरोट के लिए अमेरिका जैसा विशाल बाजार खुलेगा।
    4. टैक्सटाइल और कपास: टैक्सटाइल निर्यात बढ़ने से भारत के कपास उत्पादक किसानों की आमदनी में भारी बढ़ोतरी होगी।

    “मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित है अन्नदाता”

    शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम ने हमेशा किसानों को अपनी प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते में किसी भी ऐसी चीज को शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसान को रत्ती भर भी नुकसान हो।

    सरकार का कहना है कि विपक्ष केवल हार की हताशा में अफवाहें फैला रहा है, जबकि यह समझौता ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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