ईरान में आर्थिक तंगी और सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। पिछले छह दिनों से जारी इन विरोध प्रदर्शनों में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल और गिरफ्तार किए गए हैं। यह अशांति मुख्य रूप से ईरानी मुद्रा (रियाल) की गिरती कीमत, भारी महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति के कारण शुरू हुई है। विरोध प्रदर्शन राजधानी तेहरान से निकलकर अब ग्रामीण प्रांतों और कम से कम 46 शहरों तक फैल गए हैं। हालिया मौतें मुख्य रूप से लूर (Lur) जातीय बहुल क्षेत्रों जैसे लोरिस्तान और इस्फ़ाहान प्रांतों में हुई हैं। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इन झड़पों में एक ‘बसीज’ (Basij) अर्धसैनिक बल के जवान की मौत की भी खबर है।
पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी और डोनाल्ड ट्रंप
ईरान के निर्वासित पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया है। इसके पीछे मुख्य कारण ट्रंप द्वारा दी गई ‘खुली चेतावनी’ है:
- ट्रंप की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि अमेरिका “Locked and Loaded” (पूरी तरह तैयार) है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी शासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की, तो अमेरिका उनके बचाव में हस्तक्षेप करेगा।
- पहलवी का आभार: रेजा पहलवी ने कहा कि ट्रंप के इस कड़े संदेश ने ईरानी जनता को “ताकत और उम्मीद” दी है। उन्होंने कहा कि दशकों बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति ईरानी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा दिखा है।
- बदलाव की योजना: पहलवी ने दावा किया कि उनके पास ईरान में सत्ता परिवर्तन (Transition) के लिए एक स्थिर योजना है और वे अमेरिका के साथ पुराने संबंधों को बहाल करना चाहते हैं।
ईरान सरकार की तीखी प्रतिक्रिया
ईरानी विदेश मंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने ट्रंप के बयानों को “लापरवाह और खतरनाक” बताया है।
- लाल रेखा: ईरान ने स्पष्ट किया कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा एक ‘रेड लाइन’ है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का “करारा जवाब” दिया जाएगा।
- UN को पत्र: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से ट्रंप की ‘अवैध धमकियों’ की निंदा करने की मांग की है।
- यह आंदोलन 2022 के महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती माना जा रहा है।


