भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ ने एक और बड़ी और गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद सुखद खबर आई है, जहाँ नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है।
इस नई वृद्धि के साथ ही भारत की धरती पर जन्मे चीता शावकों की कुल संख्या अब 33 हो गई है। वहीं, देश में मौजूद कुल चीतों (व्यस्क और शावक मिलाकर) का आंकड़ा अब 53 तक पहुँच गया है। यह संख्या दर्शाती है कि विदेशी धरती से आए ये चीते भारतीय परिवेश में न केवल ढल चुके हैं, बल्कि उनका कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है।
सफलता के पीछे का संघर्ष:
- समर्पित टीम: यह सफलता वन्यजीव विशेषज्ञों, कुशल पशु चिकित्सकों और दिन-रात निगरानी करने वाले वनकर्मियों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
- ऐतिहासिक पहल: 70 साल पहले विलुप्त घोषित होने के बाद, चीतों का पुनरुद्धार भारत के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में दुनिया का सबसे बड़ा अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण प्रोजेक्ट है।
ज्वाला और उसके पाँचों शावक फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में हैं। यह क्षण न केवल कूनो के लिए, बल्कि पूरे भारत की जैव-विविधता संरक्षण यात्रा के लिए एक मील का पत्थर है।


