असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कांग्रेस की जीत के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान में दुआएं मांगी जा रही हैं और वहां के मीडिया चैनलों पर चर्चाएं हो रही हैं।
विवाद की जड़: फर्जी पासपोर्ट के आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन अलग-अलग देशों (यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र) के पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने इसे चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का गंभीर मामला बताया था।
CM हिमंता का पलटवार और पाकिस्तान कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक विस्तृत प्रेजेंटेशन पेश किया।
- AI और फोटोशॉप का खेल: सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा दिखाए गए पासपोर्ट के दस्तावेज पूरी तरह फर्जी और AI जनरेटेड हैं। उन्होंने कहा कि मूल यूएई पासपोर्ट एक पाकिस्तानी व्यक्ति (टीपू सुल्तान) द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था, जिसे एडिट करके उनकी पत्नी का नाम डाला गया।
- पाकिस्तान का दखल: हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर असम चुनाव को लेकर कम से कम 11 टॉक शो हुए हैं, जिनमें कांग्रेस की जीत की वकालत की गई है। उन्होंने सवाल किया, “गौरव गोगोई को मुझे बदनाम करने के लिए पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप की मदद क्यों लेनी पड़ी?”
- आजीवन कारावास की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत ऐसे मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने इस मामले में पहले ही FIR दर्ज करा दी है। सीएम ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक कीचड़ उछालना नहीं, बल्कि देश की चुनावी अखंडता के साथ खिलवाड़ है।
असम में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है और इस नए ‘पाकिस्तान लिंक’ के दावे ने चुनावी को पूरी तरह बदल दिया है। जहां कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप से जोड़कर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।


