उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के चौथे प्रमुख स्नान पर्व वसंत पंचमी पर आज आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद, संगम तट पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है।
स्नान का अपडेट: दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ की डुबकी
ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज दोपहर 12 बजे तक लगभग 2.10 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और गंगा के विभिन्न घाटों पर पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं।
- भोर से ही भीड़: श्रद्धालुओं का आगमन गुरुवार रात से ही शुरू हो गया था। सुबह 8 बजे तक यह आंकड़ा 1.04 करोड़ पहुंच चुका था।
- पीले वस्त्रों का महत्व: वसंत पंचमी पर मां सरस्वती के पूजन के साथ पीले वस्त्र पहनकर स्नान करने की परंपरा है, जिससे पूरा मेला क्षेत्र केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था और ‘इमरजेंसी प्लान’
भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए मेला प्रशासन ने इमरजेंसी प्लान लागू किया है:
- मार्ग परिवर्तन: संगम की ओर जाने वाले कई रास्तों (जैसे काली मार्ग) को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
- भीड़ का डायवर्जन: मुख्य संगम नोज पर भीड़ कम करने के लिए श्रद्धालुओं को ‘ऐरावत घाट’ और अन्य 16 वैकल्पिक घाटों की ओर भेजा जा रहा है।
- ट्रैफिक प्लान: 22 जनवरी की रात से ही मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था।
धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, वसंत पंचमी का यह स्नान ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस वर्ष बसंत पंचमी और अचला सप्तमी (25 जनवरी) के आस-पास पड़ने के कारण प्रशासन ने तीन दिनों में कुल 3.5 करोड़ से अधिक लोगों के आने का अनुमान लगाया है।


