ईरान के दक्षिणी रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में हुए एक जोरदार विस्फोट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है।
घटना का विवरण
ईरान के सरकारी मीडिया और वैश्विक समाचार एजेंसियों के अनुसार, विस्फोट बंदर अब्बास के मोअल्लम बुलेवार्ड इलाके में स्थित एक आठ मंजिला इमारत में हुआ।
- नुकसान: धमाका इतना भीषण था कि इमारत की दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं। आसपास खड़ी कई गाड़ियां और दुकानें भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
- हताहत: शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत और 14 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, कुछ मीडिया आउटलेट्स हताहतों की संख्या अधिक होने की आशंका जता रहे हैं।
- राहत कार्य: स्थानीय अग्निशमन दल और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया।
अमेरिका-ईरान तनाव की पृष्ठभूमि
यह विस्फोट एक बेहद संवेदनशील समय में हुआ है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं:
- अमेरिकी बेड़े की तैनाती: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और ‘अर्माडा’ (विमानवाहक जहाजों का बेड़ा) क्षेत्र में भेजने के बयान के बाद स्थिति तनावपूर्ण है।
- सैन्य विकल्प: खबरें हैं कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सुरक्षा बलों पर लक्षित हमलों (Targeted Strikes) सहित विभिन्न सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।
क्या यह कोई लक्षित हमला था?
सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे वायरल हुए कि यह धमाका इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के नौसेना कमांडर को निशाना बनाकर किया गया था। हालांकि, ईरानी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। IRGC ने स्पष्ट किया है कि उनके किसी भी मुख्यालय या भवन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
जांच जारी
होर्मुजगन प्रांत के संकट प्रबंधन विभाग के अनुसार, विस्फोट के कारणों की गहन जांच की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह एक दुर्घटना थी (जैसे गैस पाइपलाइन धमाका) या किसी बाहरी हमले या साजिश का हिस्सा।
बंदर अब्बास शहर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थित है, जो दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। यहां होने वाली कोई भी अस्थिरता वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित कर सकती है।


