राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हाल ही में सामने आई डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिसीफर्ड: ऑपरेशन सिंदूर’ और विभिन्न मंचों पर अपने संबोधन के दौरान एनएसए डोभाल ने इस सैन्य अभियान की रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रवैये पर से पर्दा उठाया।
पहलगाम हमले के बाद PM मोदी की पहली प्रतिक्रिया
डोभाल ने बताया कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश (सऊदी अरब) दौरे पर थे। जानकारी मिलते ही पीएम ने अपने सारे कार्यक्रम रद्द किए और सीधे भारत लौटे।
- एयरपोर्ट पर पहली बैठक: दिल्ली उतरते ही पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की।
- पहला सवाल: बैठक में पीएम मोदी का सीधा सवाल था—“इस हमले को किसने अंजाम दिया है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?”
- स्पष्ट निर्देश: पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत अपनी सहनशीलता को कमजोरी नहीं बनने देगा और आतंकवादियों व उनके संरक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर: 23 मिनट में 9 सटीक निशाने
एनएसए डोभाल के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियों की सटीक जानकारी के बाद 7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया।
| विवरण | ऑपरेशन सिंदूर के मुख्य बिंदु |
| अवधि | देर रात 1:00 बजे के बाद महज 23 मिनट में पूरा ऑपरेशन संपन्न। |
| लक्ष्य | पाकिस्तान और PoK के सीमापार गहराई में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकाने/कैंप। |
| सटीकता (Precision) | स्वदेशी रक्षा प्रणालियों (जैसे ब्रह्मोस मिसाइलें) के जरिए सभी 9 ठिकानों को 100% सटीकता से ध्वस्त किया गया। |
| कोई नागरिक क्षति नहीं | ऑपरेशन इतना सटीक था कि केवल तय आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, किसी भी गैर-सैनिक या नागरिक क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचा। |
स्वदेशी तकनीक और ‘ज़ीरो टॉलरेंस’
डोभाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत ने लगभग 88 घंटे तक चले इस पूरे सैन्य तनाव के दौरान अपनी तकनीकी और सैन्य क्षमता का लोहा मनवाया।
“ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्वदेशी तकनीक थी। हमारे बैटलफील्ड सर्विलांस सिस्टम और मिसाइलों ने सटीक काम किया। उपग्रह तस्वीरों से स्पष्ट है कि पाकिस्तान के 13 एयरबेस और सैन्य तंत्र इस प्रहार के बाद स्तब्ध रह गए थे। भारत अब किसी भी खतरे का जवाब अपनी शर्तों पर और निर्णायक रूप से देगा।”
डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के पूरी तरह खत्म होने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा और अब देश कोई भी जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।


