संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज यानी 9 मार्च 2026 से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी गंभीर संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों सदनों में सरकार का पक्ष रखा, जबकि विपक्ष ने ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संसद में जवाब
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव भारत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सदन को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं से अवगत कराया:
- भारतीयों का नुकसान: जयशंकर ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि इस संघर्ष में दो भारतीय नाविकों की जान चली गई है और एक अभी भी लापता है।
- नागरिकों की वापसी: उन्होंने कहा कि सरकार अब तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराने में मदद कर चुकी है।
- आर्थिक सुरक्षा: विदेश मंत्री ने माना कि खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा वहीं से पूरा करता है।
- कूटनीतिक प्रयास: सरकार लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है और संयम बरतने की अपील कर रही है।
नारेबाजी पर भड़के किरण रिजिजू
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू काफी नाराज दिखे।
- विपक्ष पर निशाना: रिजिजू ने कहा कि विपक्ष खुद भ्रमित है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जिस चर्चा की मांग विपक्ष ने की थी, उसी दौरान वे सदन में हंगामा कर रहे हैं।
- ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव: विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बताया।
विपक्ष के सवाल और चिंताएं
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और सपा सांसद अखिलेश यादव ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए:
- ऊर्जा सुरक्षा: खरगे ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 55% पश्चिम एशिया से लाता है। युद्ध के कारण घरेलू गैस की कीमतों में ₹60 की वृद्धि चिंताजनक है।
- अमेरिकी दबाव: अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।


