देशभर में परीक्षाओं के पेपर लीक और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीति गरमा गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसक टकराव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। हालांकि, पीएम मोदी के आश्वासन के तुरंत बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन पर तीखा पलटवार किया।
पीएम मोदी का आश्वासन: फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी कार्रवाई
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘X’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
- युवाओं का भविष्य प्राथमिकता: पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों की तेजी से सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
- सख्त हिदायत: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं और देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल गांधी का पलटवार: ‘आपने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने दिया’
प्रधानमंत्री के बयान के तुरंत बाद राहुल गांधी ने ‘X’ पर पोस्ट कर पीएम पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने ही देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
राहुल गांधी का वक्तव्य: “आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्जा होने और उसे बर्बाद होने दिया, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया। इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।”
राहुल गांधी द्वारा दोहराई गईं छात्रों की 3 मुख्य मांगें
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए तीन प्रमुख मांगों को फिर से उठाया:
- शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तुरंत हटाया जाए।
- देश के छात्रों से माफी: सरकार युवाओं के साथ हुए इस अन्याय और भविष्य के खिलवाड़ के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
- दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग करने और हिंसा में शामिल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सड़क से संसद तक राजनीतिक घमासान
एक तरफ जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सरकार का दावा है कि वे संसद में परीक्षा सुधारों और नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, वहीं विपक्ष इसे महज आश्वासन मानकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने और जवाबदेही से भागने की कोशिश कर रही है।


