भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी 2026 को हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। इस डील के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अपने ही नागरिकों के गुस्से और मजाक का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी यूजर्स का मानना है कि जहां भारत ने अपनी शर्तों पर महाशक्ति अमेरिका के साथ डील की, वहीं उनके अपने नेता केवल ‘जी-हजूरी’ और ‘भिक्षा पात्र’ (Begging Bowl) तक सीमित रह गए हैं।
ट्रोल्स के निशाने पर क्यों हैं शहबाज-मुनीर?
पाकिस्तानियों के गुस्से की मुख्य वजह भारत को मिले तरजीही टैरिफ (Preferential Tariffs) और कूटनीतिक जीत है।
- टैरिफ का गणित: नए समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके विपरीत, पाकिस्तान को अभी भी अमेरिका को 19% टैक्स देना होगा। पाकिस्तानी नागरिकों का कहना है कि भारत ने रूसी तेल और रक्षा सौदों पर अडिग रहकर भी अमेरिका से बेहतर डील हासिल की, जबकि पाकिस्तान ने सब कुछ मानकर भी खुद को पीछे पाया।
- वायरल पोस्टर और मीम्स: एक्स (X) पर एक पाकिस्तानी यूजर ने एक एडिटेड पोस्टर शेयर किया जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ असीम मुनीर को रोते हुए दिखाया गया है। उनके हाथ में ‘पत्थरों से भरा बक्सा’ दिखाया गया है, जो पिछले दिनों मुनीर द्वारा ट्रंप को खनिज (minerals) भेंट करने की घटना का मजाक है।
- ‘सेल्समैन’ की उपाधि: पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों ने असीम मुनीर की तुलना एक ऐसे ‘सेल्समैन’ से की है जो ब्रीफकेस लेकर दुनिया भर में घूम रहे हैं, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को कोई ठोस राहत नहीं दिला पा रहे।
भारत-अमेरिका डील के मुख्य बिंदु (2026)
इस समझौते ने भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को काफी मजबूत किया है:
- भारी कटौती: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर प्रभावी शुल्क को, जो रूसी तेल खरीद के कारण 50% (दंडात्मक शुल्क सहित) तक पहुंच गया था, घटाकर सीधे 18% कर दिया है।
- ऊर्जा और तकनीक: भारत अमेरिका से ऊर्जा, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में 500 अरब डॉलर तक की खरीदारी करेगा।
- क्षेत्रीय बढ़त: भारत का 18% टैरिफ उसे बांग्लादेश (20%), वियतनाम (20%) और चीन (34%) जैसे प्रतिस्पर्धियों से अधिक मजबूत बनाता है।


