पाकिस्तान हॉकी में चल रहा संकट अब अपने चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां पाकिस्तान सीनियर पुरुष हॉकी टीम के कप्तान शकील बट (Shakeel Butt) पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस विवाद की जड़ में वह कड़वा सच है, जिसे शकील बट ने सार्वजनिक रूप से उजागर किया था।
हाल ही में संपन्न हुए एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तानी टीम की बदहाली की खबरें सामने आई थीं। कप्तान शकील बट ने खुलासा किया था कि टीम को वहां बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही थीं।
- बदहाली का खुलासा: बट ने बताया कि टीम के पास खाने और रहने के उचित इंतजाम नहीं थे। हालात इतने खराब थे कि खिलाड़ियों को मैच से पहले खुद अपने बर्तन धोने पड़े और अपने कपड़े भी खुद ही साफ करने पड़ रहे थे।
- आर्थिक तंगी: पाकिस्तान हॉकी पिछले काफी समय से फंड की कमी से जूझ रही है, जिसका सीधा असर खिलाड़ियों की डाइट और सुविधाओं पर पड़ रहा है।
PHF की कार्रवाई: सच बोलने की सजा
शकील बट के इस बयान को महासंघ ने “अनुशासनहीनता” और “देश की छवि खराब करने वाला” माना।
- दो साल का बैन: पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने सख्त कदम उठाते हुए शकील बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इस बैन के कारण वे अब न तो घरेलू हॉकी खेल पाएंगे और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।
- आलोचना: इस फैसले की दुनिया भर के पूर्व हॉकी खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि सुधार करने के बजाय सच बोलने वाले खिलाड़ी का करियर खत्म किया जा रहा है।
अध्यक्ष तारिक बुगती का इस्तीफा
इस विवाद और महासंघ के भीतर चल रही अंदरूनी कलह के बीच PHF के अध्यक्ष तारिक बुगती ने इस्तीफा दे दिया है।
- इस्तीफे की वजह: माना जा रहा है कि बुगती सरकार से मिलने वाले फंड की कमी और महासंघ के भीतर बढ़ते असंतोष को संभालने में विफल रहे।
- बदहाली का ग्राफ: तारिक बुगती के कार्यकाल में पाकिस्तान हॉकी टीम की रैंकिंग में गिरावट आई और टीम कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स के लिए क्वालीफाई करने में भी विफल रही।
पाकिस्तान हॉकी की वर्तमान स्थिति (Key Points)
| समस्या | प्रभाव |
| फंड की कमी | खिलाड़ियों को भत्ता और दैनिक सुविधाएं नहीं मिल रहीं। |
| प्रशासनिक कलह | महासंघ में दो फाड़ और अध्यक्षों का बार-बार बदलना। |
| बुनियादी ढांचा | टर्फ और ट्रेनिंग कैंप्स की खस्ता हालत। |
| अनुशासनात्मक कार्रवाई | अनुभवी खिलाड़ियों पर बैन से टीम का मनोबल गिरा। |
यह घटना दर्शाती है कि कभी हॉकी की दुनिया पर राज करने वाला पाकिस्तान आज किस कदर प्रशासनिक और आर्थिक बदहाली का शिकार हो गया है।


