दिल्ली विधानसभा में सिख गुरु तेग बहादुर जी के अपमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में बदल गया है। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा और आशीष सूद ने दिल्ली सरकार में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर सदन के भीतर गुरु साहिब के प्रति अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
तजिंदर बग्गा के अनुसार, सदन में गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए चर्चा चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान आतिशी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जब स्पीकर ने उन्हें गुरुओं का सम्मान करने और शांत रहने को कहा, तो आतिशी ने कथित तौर पर पलटकर कहा— “कराइए ना चर्चा, आप कहते हैं कभी कुत्तों का सम्मान करो, कभी गुरुओं का सम्मान करो।”
भाजपा का तीखा हमला
भाजपा विधायकों ने इस टिप्पणी को लेकर सदन के बाहर और भीतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
- तजिंदर बग्गा का प्रहार: बग्गा ने आतिशी की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके नाम के पीछे ‘मारलेना’ (मार्क्स और लेनिन) जुड़ा है, जो विदेशी और भारत विरोधी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो गुरुओं का सम्मान नहीं कर सकता, उसे सदन में बैठने का नैतिक अधिकार नहीं है।
- आशीष सूद का बयान: भाजपा नेता आशीष सूद ने कहा कि सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड में पीठाध्यक्ष ने शब्दशः पढ़कर बताया है कि क्या कहा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी अपनी गलती मानकर माफी मांगने के बजाय भाग रही हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से पूरी पार्टी की ओर से देश से माफी मांगने की मांग की।
सदन में भारी हंगामा
विवाद के बाद भाजपा विधायकों ने सदन में ‘गुरु विरोधी आप सरकार’ के नारे लगाए। भाजपा का कहना है कि यह केवल बदतमीजी नहीं बल्कि भारत की आत्मा और सिखों के नौवें गुरु के सर्वोच्च बलिदान का अपमान है।


