अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर, एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की जमकर तारीफ की है। एडमिरल पपारो ने कहा कि भारत ने जिस रणनीतिक सटीकता और संयम के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह दुनिया भर की सेनाओं के लिए एक बड़ा सबक है।
पाकिस्तान में फेल हुए चीनी हथियार
एडमिरल पपारो ने एक महत्वपूर्ण खुलासे में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए चीनी डिफेंस सिस्टम और हथियार पूरी तरह नाकाम रहे। भारतीय सेना ने न केवल पाकिस्तानी आक्रामकता का जवाब दिया, बल्कि वहां तैनात चीनी मूल के रक्षा तंत्र को भी ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के युद्धों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि उसे चलाने की क्षमता मायने रखती है, जिसमें भारत ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
चीन के खिलाफ भारत का मजबूत साथ
अमेरिकी कमांडर ने हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता और ‘जबरन कार्रवाई’ पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा:
- साझा विजन: भारत और अमेरिका का साझा उद्देश्य “शक्ति के माध्यम से शांति” (Peace through Strength) बनाए रखना है।
- रणनीतिक साझेदारी: अमेरिका चाहता है कि चीन के दबदबे को संतुलित करने के लिए भारत एक “नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” (Net Security Provider) की भूमिका निभाए।
- तकनीकी सहयोग: दोनों देश एआई (AI), समुद्री सुरक्षा और अंडरसी डोमेन अवेयरनेस (UDA) में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
- संयम और शक्ति: अमेरिका ने ऑपरेशन के दौरान भारत द्वारा दिखाए गए अद्भुत संयम की सराहना की।
- रक्षा समझौता: अक्टूबर 2025 में हुए 10-वर्षीय रक्षा ढांचे के तहत भारत-यूएस संबंध अब एक नई ऊंचाई पर हैं।
- वैश्विक संतुलन: हिंद-प्रशांत क्षेत्र, जो दुनिया की 60% जीडीपी का घर है, वहां भारत की भूमिका को अमेरिका ने निर्णायक बताया है।
- एडमिरल पपारो का यह बयान पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी और चीन के हथियारों की पोल खोलता है, साथ ही वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते सैन्य कद को भी प्रमाणित करता है।


