पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राज्य में सियासी पारा चरम पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीरभूम में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि बंगाल की जनता ने इस बार पूर्ण बहुमत के साथ बदलाव का निर्णय ले लिया है। शाह ने विश्वास जताया कि 5 मई 2026 को होने वाली मतगणना के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
बीरभूम में हुंकार: “बदलाव का समय आ गया”
बीरभूम के खैरासोल और रानीगंज क्षेत्र में प्रचार करते हुए अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति से तंग आ चुकी है।
- नया बंगाल: उन्होंने संकल्प दोहराया कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की दिशा में काम शुरू होगा।
- घुसपैठ और भ्रष्टाचार: शाह ने अवैध घुसपैठ और स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में शांति सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता होगी।
अमित शाह ने जनसभा में मौजूद लोगों से आह्वान किया कि वे भारी संख्या में मतदान करें। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती चरणों के रुझान स्पष्ट कर रहे हैं कि भाजपा बहुमत के आंकड़े की ओर मजबूती से बढ़ रही है।
- उन्होंने आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा सरकार आते ही इन केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा, जिसका लाभ बंगाल के गरीब और किसानों को मिलेगा।
क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी रणनीति
बीरभूम को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा ने इस क्षेत्र में पूरी ताकत झोंक दी है। शाह के इस दौरे का उद्देश्य न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है, बल्कि मतुआ समुदाय और ग्रामीण मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में एकजुट करना भी है।
“बंगाल की जनता ने तय कर लिया है कि अब और अन्याय नहीं सहा जाएगा। 5 मई को राज्य में कमल खिलेगा और विकास के नए युग की शुरुआत होगी।” — अमित शाह
अमित शाह के इस दौरे के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, जुबानी जंग और तीखी होती जा रही है। विपक्षी दलों ने भी शाह के दावों पर पलटवार करते हुए इसे चुनावी जुमला करार दिया है।


