त्याहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। चीनी के बाद अब दाल, चावल, खाद्य तेल और प्याज के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं खाने-पीने की चीजों के दाम?
खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारण जिम्मेदार हैं:
- मौसम का प्रभाव और अनिश्चित मानसून: देश के कई हिस्सों में असमय बारिश और भारी बाढ़ के कारण फसलों की आवक प्रभावित हुई है। विशेषकर सब्जियों और प्याज की सप्लाई चेन बाधित होने से मंडियों में आवक कम हो गई है।
- वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव: ब्राजील द्वारा एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता देने और थाईलैंड में चीनी उत्पादन घटने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी तरह खाद्य तेलों के वैश्विक आयात मूल्य में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है।
- त्योहारों से पहले मांग में वृद्धि: रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी और आगामी त्योहारों के कारण बाजार में चीनी, तेल, दाल और मसालों की मांग में अचानक तेजी आई है।
- लागत और परिवहन खर्च: डीजल की कीमतें और माल ढुलाई की लागत स्थिर न रहने के कारण थोक से खुदरा बाजार तक पहुंचते-पहुंचते खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं।
किन वस्तुओं पर कितना पड़ा असर?
- चीनी और गुड़: वैश्विक कमी और घरेलू मांग के कारण चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद गुड़ के दाम भी बढ़ गए।
- प्याज और सब्जियां: मंडियों में सीमित आवक के कारण खुदरा बाजारों में प्याज और हरी सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं।
- दाल, चावल और तेल: दलहन की सीमित पैदावार और एडिबल ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव के कारण दाल-चावल की कीमतें भी उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।
और कितनी बढ़ सकती है महंगाई?
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों का सीजन (सितंबर से नवंबर) खत्म होने तक खाद्य पदार्थों की मांग ऊंची बनी रहेगी। जब तक नई खरीफ फसल की आवक पूरी तरह से मंडियों में शुरू नहीं होती, तब तक कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना कम है। हालांकि, सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बफर स्टॉक से सस्ती प्याज जारी करने तथा अन्य जरूरी हस्तक्षेपों के जरिए आम लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है।
सरकार की Price Monitoring System के 25 अगस्त 2026 के अखिल भारतीय औसत में चावल ₹45.75, अरहर दाल ₹123.45 और मसूर दाल ₹90.19 प्रति किलो दर्ज की गई। तेलों में पैक्ड सरसों तेल ₹200.42 और सोया तेल ₹165.15 प्रति किलो के आसपास रहा।
प्याज सबसे ज्यादा चर्चा में है। दिल्ली-NCR में हालिया बाजार भाव करीब ₹55 प्रति किलो तक पहुंचने की खबर है। राहत के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज ₹35 प्रति किलो पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।


