गाजियाबाद के मोदीनगर में होली के त्योहार से पहले मिलावटखोरों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और ब्रांडेड कंपनियों के सुरक्षा अधिकारियों ने संयुक्त छापेमारी कर नकली नमक, टॉयलेट क्लीनर और मच्छर भगाने वाली दवाओं का भारी जखीरा बरामद किया है।
छापेमारी और बरामदगी
मोदीनगर के देवेंद्रपुरी क्षेत्र में स्थित ‘जिंदल किराना स्टोर’ और उसके गोदाम पर यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1400 से अधिक नकली उत्पाद जब्त किए, जिनमें शामिल हैं:
- नकली टाटा नमक: 750 पैकेट (ब्रांडेड पैकेजिंग की हूबहू नकल)।
- नकली हार्पिक (टॉयलेट क्लीनर): 480 बोतलें।
- नकली ऑलआउट (मच्छर मार दवा): 218 पीस।
कैसे हो रहा था खेल?
जांच में सामने आया कि आरोपी असली कंपनियों की पैकेजिंग की नकल कर घटिया गुणवत्ता का माल भरते थे। इन उत्पादों को सस्ते दामों पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सप्लाई किया जाता था। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने का फायदा उठाकर यह सिंडिकेट सक्रिय था। ताज्जुब की बात यह है कि नकली नमक की पैकिंग पर QR कोड तक छापे गए थे, जो ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए असली कंपनी की वेबसाइट पर ले जाते थे।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस नकली नमक के सेवन से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है:
- आयोडीन की कमी: नकली नमक में आयोडीन की सही मात्रा न होने से थायरॉइड और घेंघा जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
- त्वचा संबंधी समस्याएं: नकली टॉयलेट क्लीनर और कीटनाशकों के रसायनों से त्वचा में जलन और आंखों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस उस मुख्य फैक्ट्री की तलाश कर रही है जहाँ इन नकली उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और पैकिंग की जा रही थी।
सावधानी: खरीदारी करते समय ब्रांडेड उत्पादों की पैकिंग, सील और बारकोड को ध्यान से जांचें। बहुत कम कीमत पर मिलने वाले ब्रांडेड सामान के नकली होने की संभावना अधिक होती है।


