संसद के बजट सत्र में 12 फरवरी 2026 को बड़ा घटनाक्रम हुआ। सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) नहीं लाने का फैसला किया है। इसके पीछे सदन में जारी गतिरोध को खत्म करने और संसदीय कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की रणनीति बताई जा रही है। हालांकि, उनके भाषण के कुछ विवादित हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटाया जा सकता है।
दूसरी ओर, भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने के लिए ‘सब्सटेंटिव मोशन’ (Substantive Motion) पेश किया है।
भाजपा की मांग और सदस्यता पर संकट
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में एक स्वतंत्र प्रस्ताव दिया है, जिसमें निम्नलिखित आरोप और मांगें की गई हैं:
- सदस्यता खत्म करने की मांग: दुबे ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
- गंभीर आरोप: भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी अपनी विदेश यात्राओं (थाईलैंड, वियतनाम आदि) के दौरान भारत-विरोधी ताकतों और संस्थाओं (जैसे सोरोस फाउंडेशन) के साथ मिलकर देश को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
- भ्रामक भाषण: सरकार का तर्क है कि राहुल गांधी ने बजट चर्चा के दौरान पीएम मोदी और मंत्रियों पर बिना किसी सबूत के ‘भारत बेचने’ जैसे झूठे आरोप लगाए हैं।


