आज 1 जनवरी, 2026 को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ नव वर्ष का स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को बधाई दी। इस वर्ष के संदेशों में एक साझा सूत्र प्रमुखता से उभरा: पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल भविष्य का संकल्प।
शीर्ष नेताओं के प्रमुख संदेश
- राष्ट्रपति का संदेश: राष्ट्रपति ने अपने संदेश में नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि नया साल हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का अवसर देता है। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की प्रगति पर जोर दिया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संदेश में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को रेखांकित किया और नागरिकों से अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
- राहुल गांधी और अखिलेश यादव: विपक्षी नेताओं ने भी जनता को बधाई दी। राहुल गांधी ने प्रेम और सद्भाव के विस्तार की कामना की, जबकि अखिलेश यादव ने युवाओं के लिए नए अवसरों और खुशहाली की बात कही। विपक्ष ने भी पर्यावरण की रक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
पर्यावरण बचाने पर विशेष जोर
इस साल की शुभकामनाओं में राजनीति से इतर एक महत्वपूर्ण मुद्दा प्रकृति का संरक्षण रहा। नेताओं ने ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम चक्र पर चिंता जताते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
- हरित ऊर्जा (Green Energy): सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने का आह्वान।
- प्रदूषण मुक्ति: प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जल स्रोतों को साफ रखने की शपथ।
- वृक्षारोपण: नए साल के संकल्प के रूप में अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील।
“नया साल केवल कैलेंडर बदलने का समय नहीं है, बल्कि अपनी धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी क्षण है।”2026 की यह सुबह उम्मीदों और संकल्पों से भरी है। जहां एक ओर देश आर्थिक और तकनीकी प्रगति की ओर अग्रसर है, वहीं नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण की रक्षा के बिना यह विकास अधूरा है।


