नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर फटने व अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) के बाद बिहार के मैदानी इलाकों में भीषण आपदा का संकट मंडरा रहा है। पड़ोसी देश से तेजी से आ रहे पानी के कारण गंडक नदी का जलस्तर भारी उछाल के साथ खतरे के निशान को पार कर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंडक बैराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया गया है। विनाशकारी बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश पर भी मंडराने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और देवरिया सहित नेपाल सीमा से सटे जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। NDRF की टीमों और SSB बटालियनों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सभी संवेदनशील तटबंधों पर लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार ने प्रभावितों व फंसे परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है।
केंद्र की निगरानी और राहत का आश्वासन
बिहार पर मंडराते बाढ़ के खतरे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर वार्ता कर स्थिति का जायजा लिया।गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार आपदा से निपटने के लिए बिहार को हर संभव मदद और राहत सामग्री मुहैया कराएगी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमों को पहले ही मोबिलाइज कर हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
बिहार सरकार का एक्शन प्लान और निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के कई जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
| क्षेत्र/बिंदु | प्रशासनिक निर्देश व कार्रवाई |
| हाइली अलर्ट जिले | पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली। |
| तटबंधों की सुरक्षा | सभी प्रमुख बांधों और तटबंधों पर 24 घंटे नाइट पेट्रोलिंग और सतर्कता बरतने के निर्देश। |
| नागरिक चेतावनियां | निचले और संवेदनशील इलाकों में माइक/लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अलर्ट जारी। |
| बचाव दल | जिला प्रशासन के समन्वय के साथ NDRF और SDRF की टीमें अग्रिम तैनाती पर। |
संभावित प्रभाव
गंडक नदी में भारी मात्रा में जलप्रवाह बढ़ने से उत्तरी और मध्य बिहार के दर्जनों गांव और निचले इलाके जलमग्न होने की कगार पर हैं। राज्य का जल संसाधन विभाग लगातार पानी की गति और डिस्चार्ज पर अपनी नजर बनाए हुए है। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


