नेपाल के संसदीय चुनावों के शुरुआती रुझानों में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। ‘जेन-जी’ (Gen-Z) समर्थित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), जिसका नेतृत्व पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह (बालेन) कर रहे हैं, पुरानी और स्थापित पार्टियों का सूपड़ा साफ करती नजर आ रही है।
बालेन शाह की पार्टी को प्रचंड बढ़त
शुरुआती मतगणना के अनुसार, नेपाल की राजनीति में एक ‘सुनामी’ जैसा मंजर है:
- सीटों का हाल: 165 प्रत्यक्ष सीटों (FPTP) में से बालेन शाह की RSP 45 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है। कई क्षेत्रों में पार्टी ने पहली बार जीत दर्ज की है।
- पुराने दिग्गजों की हार: पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पारंपरिक सीट झापा-5 से बालेन शाह से काफी पीछे चल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बालेन करीब 6,000 वोटों से आगे हैं।
- काठमांडू में दबदबा: राजधानी काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
पारंपरिक पार्टियों की स्थिति खस्ता हाल
नेपाल की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टियों को युवा मतदाताओं ने सिरे से नकार दिया है:
- नेपाली कांग्रेस: गगन थापा के नेतृत्व वाली यह पार्टी केवल 5 सीटों पर आगे चल रही है।
- CPN-UML: केपी ओली की पार्टी महज 4-5 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
- प्रचंड की पार्टी: पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की माओवादी पार्टी भी शुरुआती रुझानों में पिछड़ गई है।
‘जेन-जी’ क्रांति का असर
यह चुनाव सितंबर 2025 में हुए हिंसक छात्र आंदोलनों के बाद पहला आम चुनाव है।
- वोटिंग: गुरुवार (5 मार्च) को हुए मतदान में लगभग 60% वोटिंग दर्ज की गई।
- मुख्य मुद्दा: भ्रष्टाचार और पुरानी पीढ़ी के नेताओं के खिलाफ युवाओं का गुस्सा इस चुनाव का सबसे बड़ा फैक्टर साबित हुआ है।
- अंतरिम सरकार: कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शांतिपूर्ण मतदान की सराहना की है और कहा है कि परिणाम आने के बाद जल्द ही सत्ता हस्तांतरण किया जाएगा।
प्रमुख रुझान (सुबह 10:30 बजे तक)
| पार्टी | बढ़त/जीत (अनुमानित) | मुख्य नेता |
| राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) | 45+ | बालेंद्र शाह |
| नेपाली कांग्रेस | 05 | गगन थापा |
| CPN-UML | 04 | केपी शर्मा ओली |
| अन्य | 07 | – |
यदि यही रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं, तो 35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जो देश के इतिहास में एक बड़े युग परिवर्तन का संकेत होगा।


