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    द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने NATO पर संकट, क्या ट्रंप को जवाब दे पायेगा यूरोप

    वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के माध्यम से निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजरें अब ग्रीनलैंड पर टिकी हैं। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए “मुश्किल तरीका” (सैन्य विकल्प) अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस स्थिति ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था और NATO (नाटो) के अस्तित्व पर गहरा संकट पैदा कर दिया है।


    1. डेनमार्क की कड़ी चेतावनी

    डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका किसी नाटो सहयोगी (डेनमार्क/ग्रीनलैंड) पर सैन्य हमला करता है, तो यह नाटो का अंत होगा।

    • अनुच्छेद 5 का उल्लंघन: नाटो का मूल सिद्धांत है कि एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। यदि अमेरिका खुद हमलावर बनता है, तो यह गठबंधन अपनी प्रासंगिकता खो देगा।
    • संप्रभुता: डेनमार्क ने स्पष्ट किया है कि “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है” और किसी भी आक्रामकता का जवाब रक्षात्मक कार्रवाई से दिया जाएगा।

    2. ‘धुरंधर’ देशों का रुख: फ्रांस, जर्मनी और यूके

    यूरोपीय देशों में इस बार 2019 जैसी चुप्पी नहीं है। फ्रांस और जर्मनी सहित 7 यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ट्रंप की मंशा को खारिज किया है।

    • फ्रांस और जर्मनी: इमैनुएल मैक्रों और जर्मन नेतृत्व ने इसे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन बताया है। जर्मनी ने याद दिलाया है कि ग्रीनलैंड नाटो की सामूहिक रक्षा का हिस्सा है।
    • यूनाइटेड किंगडम: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी डेनमार्क के रुख का समर्थन किया है, जो अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगी (UK) के लिए एक बड़ा स्टैंड है।
    • यूरोपीय एकजुटता: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप पीछे नहीं हटते, तो यूरोप को अमेरिका से इतर अपनी स्वतंत्र रक्षा प्रणाली बनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

    3. ट्रंप का तर्क: सुरक्षा या संसाधन?

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, ट्रंप ग्रीनलैंड को एक ‘राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता’ मानते हैं।

    • रूस और चीन का डर: ट्रंप का दावा है कि यदि अमेरिका ने कब्जा नहीं किया, तो रूस या चीन इस रणनीतिक द्वीप पर नियंत्रण कर लेंगे।
    • खनिज और तेल: विशेषज्ञों का मानना है कि आर्कटिक में पिघलती बर्फ के नीचे दबे विशाल खनिज संसाधनों और तेल पर कब्जा करना ट्रंप का असली उद्देश्य है।

    ग्रीनलैंड और नाटो: एक नजर में

    पक्षमुख्य तर्क
    डोनाल्ड ट्रंप“हम ग्रीनलैंड पर कुछ न कुछ करेंगे, चाहे उन्हें पसंद हो या नहीं।”
    डेनमार्क“अमेरिकी हमला नाटो और उत्तर-युद्ध सुरक्षा व्यवस्था का अंत होगा।”
    यूरोपीय संघ (EU)क्षेत्रीय अखंडता और सीमाओं के सम्मान के लिए डेनमार्क के साथ एकजुट।
    ग्रीनलैंड“हम बिकाऊ नहीं हैं; हम अमेरिकी नागरिक नहीं बनना चाहते।”
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