अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक तेल सौदे की घोषणा की है। इस समझौते के तहत वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 5 करोड़ (50 मिलियन) बैरल कच्चा तेल सौंपने पर सहमत हो गई है। यह कदम वेनेजुएला में हुए बड़े राजनीतिक बदलाव और पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है।
समझौते की मुख्य बातें
- तेल की मात्रा और कीमत: वेनेजुएला अमेरिका को लगभग 5 करोड़ बैरल तेल देगा, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 5.2 बिलियन डॉलर आंकी गई है।
- भुगतान और नियंत्रण: ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस तेल की बिक्री से होने वाली पूरी राशि अमेरिकी सरकार द्वारा नियंत्रित बैंक खातों (मुख्य रूप से कतर में स्थित) में जमा की जाएगी।
- उपयोग: ट्रंप के अनुसार, इस धन का उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा, जिसमें वेनेजुएला के बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता शामिल है।
रणनीतिक और राजनीतिक महत्व
- वेनेजुएला का नया नेतृत्व: अमेरिका अब वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ सीधे तौर पर काम कर रहा है। ट्रंप ने इस बातचीत को “उत्पादक और शिष्टाचारपूर्ण” बताया है।
- तेल बुनियादी ढांचे का विकास: ट्रंप की योजना अमेरिकी तेल कंपनियों (जैसे एक्सॉन और शेवरॉन) को वेनेजुएला में अरबों डॉलर निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने की है, ताकि वहां के जर्जर हो चुके तेल ढांचे को सुधारा जा सके।
- वैश्विक प्रभाव: इस सौदे से न केवल तेल की वैश्विक आपूर्ति में बदलाव आएगा, बल्कि चीन जैसे देशों को होने वाली तेल की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि वेनेजुएला अब अमेरिकी हितों की ओर झुक रहा है।
वित्तीय सुरक्षा के लिए कार्यकारी आदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जो वेनेजुएला के तेल राजस्व को किसी भी कानूनी दावों या पुराने लेनदारों (जैसे एक्सॉन मोबिल के पुराने दावे) से सुरक्षित रखेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेल से मिलने वाला पैसा सीधे अमेरिकी ट्रेजरी के नियंत्रण में रहे और इसका उपयोग अमेरिकी विदेश नीति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जा सके।


