जनवरी 2026 में हुए महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय और मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति के दो सबसे बड़े स्तंभों— शरद पवार और ठाकरे परिवार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (महायुति) ने इन चुनावों में भारी जीत दर्ज की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हार के लिए केवल भाजपा की रणनीति जिम्मेदार नहीं है, बल्कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे से हुई कुछ बड़ी गलतियां भी इसके केंद्र में हैं।
ब्रैंड की चमक फीकी होने के मुख्य कारण:
1. संगठन में बिखराव और नेतृत्व का संकट
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में विभाजन के बाद, पार्टी का एक बड़ा हिस्सा और कैडर एकनाथ शिंदे के साथ चला गया। उद्धव ठाकरे इस विभाजन के बाद संगठन को फिर से खड़ा करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास जीतने में उतने सफल नहीं रहे जितनी उम्मीद थी। वहीं, शरद पवार की एनसीपी (NCP) में अजित पवार के अलग होने से पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर हुई है।
2. वैचारिक स्पष्टता का अभाव
शिवसेना (UBT) ने जब से कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया, उसके ‘हिंदुत्व’ के मूल एजेंडे पर सवाल उठने लगे। इसका सीधा फायदा भाजपा और शिंदे सेना को मिला, जिन्होंने खुद को असली हिंदुत्व का रक्षक बताया। मतदाता इस बात से भ्रमित रहे कि ठाकरे का ब्रांड अब किस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है।
3. शरद पवार का ‘वेट एंड वॉच’ फॉर्मूला
शरद पवार अपनी रणनीतियों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अजित पवार के विद्रोह के बाद वे अपनी पार्टी के भीतर की बगावत को रोकने या उसे सही ढंग से मैनेज करने में विफल रहे। अजित पवार द्वारा खुद को ‘असली एनसीपी’ बताना और चुनाव चिन्ह हासिल करना शरद पवार के ब्रांड के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
4. भ्रष्टाचार के आरोप और जांच एजेंसियों का घेरा
विपक्ष के कई बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप और ईडी-सीबीआई (ED-CBI) की कार्रवाई ने भी जनता के बीच उनकी छवि को प्रभावित किया। भाजपा ने इसे ‘भ्रष्टाचार बनाम विकास’ का मुद्दा बनाकर पेश किया, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखा।
भाजपा ने इन ब्रांड्स को एक दिन में कमजोर नहीं किया है। यह एक निरंतर प्रक्रिया रही है, जिसमें विपक्ष की अंतर्कलह और रणनीतिक गलतियों ने भाजपा के लिए रास्ता आसान कर दिया। अब शरद पवार और उद्धव ठाकरे के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे आगामी चुनावों से पहले अपनी खोई हुई साख को कैसे वापस पाते हैं।


