देश में गहराते एलपीजी (LPG) संकट और ईंधन की किल्लत को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक विस्तृत रिपोर्ट साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की ‘घटिया विदेश नीति’ के कारण आज पूरा देश गंभीर परिणामों को भुगतने पर मजबूर है।
“चूल्हे बुझे, धंधे ठप”: कांग्रेस के गंभीर आरोप
कांग्रेस ने देश के वर्तमान हालात को ‘अत्यंत कष्टदायक’ बताते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं:
- घरेलू रसोई पर असर: एलपीजी की भारी कमी के कारण आम लोगों के घरों में चूल्हे जलना बंद हो गए हैं। ईंधन न मिलने से गृहणियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- आर्थिक मंदी और बेरोजगारी: गैस की किल्लत का सीधा असर छोटे व्यवसायों पर पड़ा है। कई व्यावसायिक इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई हैं।
- महंगा हुआ खाना: होटलों और रेस्तरां में खाने की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम आदमी की थाली और महंगी हो गई है।
- पलायन की स्थिति: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शहरों में बढ़ती महंगाई और काम धंधे चौपट होने के कारण गरीब अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके हैं और हताशा में शहरों से पलायन कर रहे हैं।
विदेश नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस का सीधा आरोप है कि पश्चिम एशिया (West Asia) के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट को संभालने में मोदी सरकार की कूटनीति पूरी तरह विफल रही है। पार्टी के अनुसार, ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने समय रहते वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए, जिसका खामियाजा अब देश की जनता भुगत रही है।
एलपीजी संकट अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। जहां एक ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध को कारण बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सीधे तौर पर सरकारी प्रबंधन की विफलता करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की उम्मीद है।


