राज्यसभा में विदाई का अवसर अक्सर भावुक होता है, लेकिन जब राजनीति के दिग्गज आमने-सामने हों, तो इसमें चुटकी और तंज का तड़का भी लग जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की राज्यसभा से विदाई के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे सदन को ठहाकों से भर दिया। खरगे ने देवेगौड़ा के राजनीतिक सफर और उनके वर्तमान झुकाव पर तंज कसते हुए कहा— “मोहब्बत हमारे साथ, लेकिन शादी मोदी साहब के साथ।”
यहाँ इस दिलचस्प वाकये और इसके पीछे की राजनीतिक कहानी का पूरा विवरण दिया गया है:
खरगे के बयान का संदर्भ
मल्लिकार्जुन खरगे और एचडी देवेगौड़ा दोनों ही कर्नाटक की राजनीति के पुराने स्तंभ हैं। खरगे ने अपने भाषण में देवेगौड़ा के साथ बिताए दशकों पुराने संबंधों को याद किया, लेकिन साथ ही जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन पर चुटकी लेने से नहीं चूके।
- ‘मोहब्बत’ का मतलब: खरगे का इशारा उस समय की ओर था जब कांग्रेस और JDS ने मिलकर कर्नाटक में सरकारें बनाई थीं और विचारधारा के स्तर पर दोनों दल करीब थे।
- ‘शादी’ का मतलब: यहाँ ‘शादी’ का अर्थ JDS का एनडीए (NDA) में शामिल होना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के साथ गठबंधन करना है।
सदन में हंसी और ठहाके
जब खरगे ने यह शेरनुमा तंज कसा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे। खरगे की इस हाजिरजवाबी पर पीएम मोदी और सत्ता पक्ष के अन्य नेता भी मुस्कुराते नजर आए। देवेगौड़ा ने भी इस टिप्पणी को खेल भावना (Sportsmanship) के साथ लिया।
खरगे के भाषण की मुख्य बातें:
- पुराना नाता: खरगे ने कहा कि देवेगौड़ा जी हमेशा से हमारे मित्र रहे हैं, हमने साथ काम किया है, लेकिन राजनीति में कब कौन सा मोड़ आ जाए, यह कहना मुश्किल है।
- कर्नाटक का गौरव: उन्होंने देवेगौड़ा को ‘मिट्टी का बेटा’ (Son of the Soil) बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
- तंज और सम्मान का मिश्रण: खरगे ने स्पष्ट किया कि भले ही उनके रास्ते अब अलग हैं, लेकिन देवेगौड़ा के प्रति उनका सम्मान कम नहीं हुआ है।
देवेगौड़ा का राज्यसभा का सफर
90 वर्ष से अधिक उम्र के एचडी देवेगौड़ा भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में से हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया। राज्यसभा से उनकी सेवानिवृत्ति एक युग के अंत जैसी है।
- JDS-BJP गठबंधन: हालिया वर्षों में देवेगौड़ा की पार्टी JDS ने कर्नाटक में अपनी जमीन बचाने के लिए कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा से हाथ मिलाया है। इसी राजनीतिक बदलाव को खरगे ने ‘शादी’ के रूप में परिभाषित किया।
राजनीतिक गलियारों की प्रतिक्रिया
इस बयान को एक स्वस्थ संसदीय परंपरा के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ कट्टर विरोधी भी एक-दूसरे की विदाई पर व्यक्तिगत सम्मान व्यक्त करते हैं और हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखते हैं।


