टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मिली शर्मनाक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट की बुनियाद हिला दी है। प्रशंसकों के गुस्से के बीच अब पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शाहिद अफरीदी का धैर्य भी जवाब दे गया है। अफरीदी ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए टीम के सबसे बड़े चेहरों—बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और शादाब खान—को टीम से बाहर निकालने की वकालत की है।
अपनों पर ही बरसे अफरीदी
हैरानी की बात यह है कि शाहिद अफरीदी ने अपने दामाद शाहीन अफरीदी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टीम की भलाई के लिए कड़े फैसले लेने का समय आ गया है। अफरीदी के अनुसार, बाबर, शाहीन और शादाब लंबे समय से टीम का मुख्य हिस्सा हैं, लेकिन बड़े मैचों में वे उम्मीद के मुताबिक परिणाम देने में लगातार विफल रहे हैं। यदि पाकिस्तान को भविष्य के लिए तैयार होना है, तो इन खिलाड़ियों के मोह से बाहर निकलना होगा।
नए खून को मौका देने की वकालत
अफरीदी का मानना है कि इन तीन खिलाड़ियों को बाहर करने से न केवल टीम में जवाबदेही तय होगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों (New Talent) के लिए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक नए खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका नहीं दिया जाएगा, तब तक वे दबाव वाले मैचों के लिए तैयार नहीं हो पाएंगे।
पाकिस्तानी क्रिकेट में संकट
भारत से मिली हार के बाद पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने की कगार पर है। अंक तालिका में अमेरिका से नीचे खिसकने और प्रदर्शन में निरंतरता की कमी ने पीसीबी (PCB) और चयनकर्ताओं पर भारी दबाव बना दिया है। अफरीदी का यह बयान आग में घी डालने जैसा है, जो दर्शाता है कि टीम के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है।
- कड़ा फैसला: अफरीदी ने बाबर, शाहीन और शादाब को ड्रॉप करने की मांग की।
- दामाद पर भी निशाना: शाहीन अफरीदी के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।
- भविष्य की योजना: नए खिलाड़ियों को तराशने पर जोर दिया।
- शाहिद अफरीदी की यह ‘बौखलाहट’ पाकिस्तानी क्रिकेट के गिरते स्तर पर उनकी चिंता को भी दर्शाती है। अब देखना यह होगा कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपने इन सीनियर खिलाड़ियों पर कोई सख्त कार्रवाई करता है या नहीं।


