मप्र के जबलपुर में आयोजित बंगाली क्लब के शताब्दी समारोह के समापन अवसर पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में बंगाली समुदाय ही सुरक्षित नहीं है और राज्य को इस “कुशासन” से बचाने के लिए बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
नड्डा के संबोधन की मुख्य बातें:
- सुरक्षा पर सवाल: जेपी नड्डा ने कहा, “यह विडंबना है कि आज बंगाली समाज पश्चिम बंगाल से ज्यादा मध्य प्रदेश (जबलपुर) में सुरक्षित महसूस कर रहा है। इसका सीधा मतलब है कि बंगाल में हालात चिंताजनक हैं।”
- बदलाव का आह्वान: उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस बंगाल ने कभी पूरे देश को दिशा और नेतृत्व दिया, वह आज खुद गहरे संकट में है। उन्होंने जनता से अपील की कि बंगाल को मुख्यधारा में वापस लाने और कुशासन से मुक्त कराने के लिए एकजुट हों।
- इतिहास और महापुरुषों का स्मरण: नड्डा ने रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान को याद करते हुए कहा कि हमें उनके सपनों का बंगाल फिर से बनाना होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का प्रहार:
इस कार्यक्रम में मौजूद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
- विभाजन पर टिप्पणी: सीएम यादव ने कहा कि यदि उस समय कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व को स्वीकार किया होता और समझदारी दिखाई होती, तो संभवतः भारत का विभाजन नहीं होता।
- नक्शा अलग होता: उन्होंने दावा किया कि नेताजी के नेतृत्व में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों का अस्तित्व ही नहीं होता और भारत का नक्शा आज कुछ और ही होता।
राजनीतिक संदर्भ:
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों (अप्रैल-मई 2026) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भाजपा लगातार ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टीकरण और खराब कानून-व्यवस्था के आरोप लगा रही है।
कार्यक्रम के दौरान जेपी नड्डा और सीएम मोहन यादव ने वसंत पंचमी और नेताजी की जयंती पर नमन करते हुए ‘शताब्दी स्तंभ’ का अनावरण भी किया।


