पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच 20 मार्च, 2026 को तनाव एक नए स्तर पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने सीरिया में भारी बमबारी की है, जिसमें ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत की पुष्टि हुई है।
सीरिया पर इजरायल का बड़ा प्रहार
इजरायली सेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने बीती रात दक्षिणी सीरिया में स्थित ईरान समर्थित सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए। इन हमलों में विशेष रूप से एक कमांड सेंटर और हथियारों के बड़े जखीरे को निशाना बनाया गया। IDF के अनुसार, यह कार्रवाई अस-सुवैदा क्षेत्र में अल्पसंख्यक द्रुज समुदाय पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। इजरायल ने स्पष्ट किया कि वह अपने नागरिकों और मित्र समुदायों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा।
IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत
इस युद्ध का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ईरानी सरकारी मीडिया ने IRGC के जनरल और प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत की पुष्टि की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नैनी की मौत इजरायली और अमेरिकी गठबंधन के हवाई हमलों के दौरान हुई। अपनी मौत से कुछ ही समय पहले नैनी ने एक बयान जारी कर इजरायल और अमेरिका को चुनौती देते हुए कहा था कि हमलों के बावजूद तेहरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को रोका नहीं जा सकता।
युद्ध का 21वां दिन: क्षेत्रीय संकट गहराया
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच इस सीधे टकराव को आज 21 दिन पूरे हो चुके हैं। इस संघर्ष के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- नेतन्याहू और ट्रंप का रुख: इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उसकी नेतृत्व क्षमता पूरी तरह पंगु नहीं हो जाती। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया हमलों को “सरप्राइज” बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने तेल आपूर्ति बाधित की, तो परिणाम और भी भयानक होंगे।
- नागरिक हताहत: युद्ध के कारण मानवीय संकट खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक ईरान में 1,200 से अधिक और लेबनान में 500 के करीब लोग मारे जा चुके हैं।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: खाड़ी देशों के तेल और गैस केंद्रों पर हो रहे हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने का डर है। साथ ही, चीन द्वारा खाद निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से कृषि क्षेत्र में भी हड़कंप मचा हुआ है।
इजरायल अब सीरियाई सीमा पर कड़ी निगरानी रख रहा है और किसी भी बड़े जवाबी हमले के लिए अपनी वायुसेना को अलर्ट पर रखा है।


