मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां इजरायली हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तगड़ा झटका दिया है, वहीं दूसरी ओर कुवैत पर हुए ईरानी हमलों में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि ईरान के मध्य में स्थित खोंडाब (Khondab) भारी जल उत्पादन संयंत्र इजरायली हमले के बाद पूरी तरह से गैर-परिचालन (non-operational) हो गया है।
सैटेलाइट इमेजरी और स्वतंत्र विश्लेषण के आधार पर IAEA ने बताया कि 27 मार्च को हुए हमले में संयंत्र को “गंभीर क्षति” पहुंची है। राहत की बात यह है कि इस संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, इसलिए विकिरण (radiation) का कोई तत्काल खतरा नहीं पाया गया है। इजरायली सेना (IDF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे “राइजिंग लायन” (Rising Lion) ऑपरेशन का हिस्सा बताया है। इजरायल का आरोप है कि इस संयंत्र का उपयोग हथियारों के ग्रेड वाले प्लूटोनियम बनाने के लिए किया जा सकता था।
कुवैत में ईरानी हमला: भारतीय नागरिक की मौत
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी इस जंग की आग अब पड़ोसी देशों तक भी पहुँचने लगी है। कुवैत के बिजली और जल अलवणीकरण (desalination) संयंत्र पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय कर्मचारी की दुखद मृत्यु हो गई है।कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय के अनुसार, रविवार शाम ईरानी हमलों ने एक महत्वपूर्ण सर्विस बिल्डिंग को निशाना बनाया। इस हमले में भारतीय नागरिक की मौत के साथ-साथ संयंत्र की बुनियादी संरचना को भी भारी नुकसान पहुँचा है।कुवैत ने इसे “ईरानी आक्रामकता” करार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुवैती हवाई क्षेत्र में कई मिसाइलें और ड्रोन देखे गए हैं, जो क्षेत्र में युद्ध के विस्तार का संकेत दे रहे हैं।
वर्तमान स्थिति
ये घटनाएं 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष का हिस्सा हैं। ईरान ने अपनी ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि इजरायल ने संकल्प लिया है कि वह तेहरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा।


