अमेरिका और ईरान के बीच गहराया भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त और सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। यदि उसने यूरेनियम और शांति समझौते को लेकर जल्द ही सही कदम नहीं उठाए, तो दुनिया के नक्शे पर उसका नामोनिशान नहीं बचेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “ईरान के लिए घड़ी की सुइयां लगातार टिक-टिक कर रही हैं। उन्हें बहुत तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना उनका कुछ भी शेष नहीं बचेगा। समय सबसे महत्वपूर्ण है!”
शांति वार्ता के लिए अमेरिका की 5 कड़ी शर्तें
यह विवाद तब और बढ़ गया जब ईरानी मीडिया (Fars News Agency) ने वाशिंगटन द्वारा शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए रखी गई पांच बेहद कड़ी शर्तों का खुलासा किया। इन शर्तों के सामने आने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप का यह गुस्सा फूटा। अमेरिका की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:
- यूरेनियम सौंपना: ईरान को अपना लगभग 400 किलोग्राम संवर्धित (Enriched) यूरेनियम अमेरिका के हवाले करना होगा।
- परमाणु कार्यक्रम पर पाबंदी: ईरान केवल अपनी एक ही परमाणु सुविधा (Nuclear Facility) को सक्रिय रख सकता है, बाकी सब बंद करनी होंगी।
- मुआवजे की मांग खारिज: युद्ध के कारण हुए नुकसान के लिए ईरान द्वारा मांगी जा रही युद्ध क्षतिपूर्ति (Compensation) को अमेरिका ने साफ ठुकरा दिया है।
- फ्रीज संपत्तियां: विदेशों में जब्त (Freeze) की गई ईरान की संपत्तियों का 75 फीसदी से अधिक हिस्सा अभी भी जारी नहीं किया जाएगा।
- क्षेत्रीय संघर्ष पर रोक: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्षों को पूरी तरह समाप्त करने के बाद ही अंतिम बातचीत पूरी मानी जाएगी।
तनाव की पृष्ठभूमि और सीजफायर पर संकट
इस साल 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ गया था। करीब 39 दिनों के भीषण संघर्ष के बाद, 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक बेहद नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) हुआ था।
हालांकि, इसके बाद समझौते के लिए शुरू हुई कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप हो गई है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत की मेज पर तभी लौटेगा जब उस पर से प्रतिबंध हटाए जाएं और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर उसकी संप्रभुता को स्वीकार किया जाए।
सैन्य विकल्प फिर से मेज पर
ईरान के अड़ियल रुख को देखते हुए वाशिंगटन में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाले हैं, जिसमें ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई (Military Action) के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर इस मुद्दे पर लंबी चर्चा की है। यदि ईरान ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया, तो मध्य-पूर्व में एक बार फिर भीषण युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।


