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    ईरान सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट किया, मस्क की Starlink ने अंतरिक्ष से फ्री भेजे सिग्नल

    ईरान में चल रहे भीषण विरोध प्रदर्शनों के बीच जब सरकार ने देश में पूरी तरह से इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया, तब एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) प्रदर्शनकारियों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है। मस्क ने न केवल अंतरिक्ष से इंटरनेट सिग्नल भेजे हैं, बल्कि रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी नागरिकों के लिए यह सेवा मुफ्त कर दी है।

    यहाँ जानिए कि स्टारलिंक ईरान में कैसे काम कर रहा है और इसके पीछे की तकनीकी और राजनीतिक गणित क्या है:

    ईरान में स्टारलिंक के काम करने का तरीका

    ईरान में इंटरनेट की पारंपरिक लाइनें (केबल और मोबाइल नेटवर्क) सरकार के नियंत्रण में हैं, लेकिन स्टारलिंक की तकनीक इसे बाईपास कर देती है:

    • सीधे अंतरिक्ष से कनेक्शन: स्टारलिंक के सैटेलाइट्स पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit – LEO) में तैनात हैं। ये सैटेलाइट्स जमीन पर मौजूद स्टारलिंक किट (डिश और राउटर) को सीधे हाई-स्पीड इंटरनेट सिग्नल भेजते हैं।
    • ग्राउंड स्टेशन की जरूरत नहीं: आमतौर पर इंटरनेट के लिए स्थानीय सर्वर या केबल की जरूरत होती है, लेकिन स्टारलिंक ‘स्पेस लेजर’ तकनीक का उपयोग करके एक सैटेलाइट से दूसरे सैटेलाइट तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है, जिससे ईरानी सरकार का सेंसरशिप फेल हो जाता है।
    • फ्री सर्विस का ऐलान: रिपोर्टों के अनुसार, मस्क ने ईरान में कई बंद पड़े अकाउंट्स को एक्टिव कर दिया है और सब्सक्रिप्शन शुल्क भी माफ कर दिया है, ताकि लोग बिना किसी बाधा के बाहरी दुनिया से जुड़ सकें।

    ट्रंप और मस्क की ‘स्पेशल डील’

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में व्यक्तिगत रुचि ली है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि उन्होंने एलन मस्क से बात की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरानी प्रदर्शनकारियों तक इंटरनेट की पहुंच बनी रहे। ट्रंप ने मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि वे इस तरह की चुनौतियों से निपटने में माहिर हैं। अमेरिका इस कदम को ईरान सरकार पर दबाव बनाने और वहां के लोगों के “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के अधिकार के समर्थन के रूप में देख रहा है।

    ईरान का ‘किल स्विच’ और जैमिंग की कोशिश

    सैन्य-ग्रेड जैमिंग: ईरान ने स्टारलिंक के सिग्नल को रोकने के लिए रूस और चीन से प्राप्त ‘किल स्विच’ या हाई-टेक जैमिंग उपकरणों का उपयोग शुरू किया है।

    • सफलता और विफलता: विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती घंटों में स्टारलिंक का लगभग 80% ट्रैफिक प्रभावित हुआ था, लेकिन स्टारलिंक की सैटेलाइट्स लगातार अपनी फ्रीक्वेंसी बदलकर इस जैमिंग को मात देने की कोशिश कर रही हैं।

    किसे मिल रही है मदद?

    हालाँकि सेवा फ्री है, लेकिन इंटरनेट चलाने के लिए स्टारलिंक किट (डिश) का होना अनिवार्य है। ये किट ईरान में आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन्हें पड़ोसी देशों (जैसे इराक या दुबई) से तस्करी के जरिए मंगाया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 40,000 से 50,000 लोग इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं।

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