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    अमेरिका के हवाई हमलों के बाद बिफरा ईरान, कहा-सिर छुपाने की पनाह नहीं मिलेगी

    आगामी त्योहार बकरीद से ठीक पहले पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा हाल ही में किए गए विनाशकारी हवाई हमलों के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का बड़ा और बेहद आक्रामक बयान सामने आया है। खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अब पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी सेना को कहीं भी सिर छुपाने की पनाह नहीं मिलेगी। इस तीखे बयान के बाद खाड़ी देशों में बड़े पैमाने पर तनाव और युद्ध के दोबारा भड़कने की आशंका गहरा गई है।

    मोजतबा खामेनेई की सख्त चेतावनी

    ईरान के सर्वोच्च नेता ने एक विशेष संबोधन में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर संघर्ष विराम को पूरी तरह मटियामेट करने का आरोप लगाया। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

    • सेना को पनाह नहीं: खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास मौजूद अत्याधुनिक मिसाइलें और घातक ड्रोन नेटवर्क पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब अमेरिकी सैनिकों के लिए इस इलाके का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं रहेगा।
    • बकरीद से पहले का तनाव: पवित्र त्योहार बकरीद के ठीक पहले इस तरह की सैन्य आक्रामकता और जवाबी बयानों ने मुस्लिम बहुल खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

    युद्धविराम टूटने की कगार पर

    संघर्ष का वर्तमान घटनाक्रमविवरण
    8 अप्रैल से लागू सीजफायरपाकिस्तान और यूएई जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में एक अस्थाई और बेहद नाजुक युद्धविराम लागू किया गया था।
    ईरान की समुद्री घेराबंदीहाल ही में खुफिया रिपोर्ट सामने आई कि ईरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित करने के लिए समुद्र में खतरनाक माइंस (Mines) बिछा रहा है।
    अमेरिका की भारी बमबारीमाइंस बिछाने की कोशिशों के जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान में स्थित कई रणनीतिक ठिकानों पर फिर से भारी बमबारी शुरू कर दी।

    भारत और वैश्विक व्यापार पर संकट

    इस बढ़ते टकराव का सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई पर पड़ने की आशंका है। ईरान ने पहले भी दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी की थी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई के इस ताजा रुख के बाद दोनों देशों के बीच परदे के पीछे चल रही शांति वार्ता लगभग पूरी तरह ठप हो गई है। यदि बकरीद के दौरान ईरान या उसके समर्थित गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर कोई जवाबी हमला किया जाता है, तो यह संघर्ष पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होकर तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है।

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